बिलग्राम क्षेत्र स्थित BGRM इंटर कॉलेज में आज उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुसार कम्युनिटी पुलिसिंग एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मिशन शक्ति” विशेष अभियान (फेज-05) के द्वितीय चरण के अंतर्गत एक विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं एवं महिलाओं ने भाग लेकर अपनी सुरक्षा, अधिकारों एवं आत्मनिर्भरता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस दौरान पुलिस टीम द्वारा उपस्थित बालिकाओं एवं महिलाओं को नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन के महत्व को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि शासन-प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए “मिशन शक्ति” अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में महिलाओं को विभिन्न आपातकालीन एवं सहायता हेल्पलाइन नंबरों—1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 108 (एम्बुलेंस सेवा)—के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में बिना घबराए इन नंबरों का तत्काल उपयोग करें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, महिला हेल्प डेस्क की भूमिका, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा आत्मरक्षा के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। छात्राओं को यह भी बताया गया कि वे किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में खुलकर पुलिस से संपर्क करें, उनकी हर संभव सहायता की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल एवं प्रभावी तरीके से समाधान किया गया।
इस अवसर पर कोतवाली प्रभारी हाकिम सिंह यादव, कस्बा इंचार्ज अजय तोमर, महिला कांस्टेबल शक्ति, अंशुल चौधरी एवं मोनू चौधरी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बालिकाओं को जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा आत्मनिर्भर बनाना रहा, ताकि वे हर परिस्थिति में खुद को सुरक्षित और सक्षम महसूस कर सकें।





