Thursday, April 30, 2026
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UAE, कतर और ईरान… मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत की तीन देशों से हुई बात

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को बताया कि उन्हें ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया था, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जयशंकर ने बताया कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में तनाव के संबंध में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नाहयान से भी बात की।

जयशंकर ने छठी बार की अराघची से बात

ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से यह छठी बार है जब विदेश मंत्री जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अराघची के बीच बातचीत हुई है। आज की बातचीत से पहले, विदेश मंत्री ने 21 मार्च को अराघची से बात की थी।

विदेश मंत्री ने एक्स पर ईरान के विदेश मंत्री को टैग करते हुए इस घटनाक्रम की जानकारी साझा की। उनकी पोस्ट में लिखा है, “ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा हालात पर चर्चा हुई।” यह टेलीफोन पर हुई बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के मुद्दे पर ईरान को दी गई चेतावनी से मचे भारी हंगामे के बाद हुई है।

ईरान पर अल्टीमेटम की भाषा छोड़े अमेरिका: रूस

उधर, रूस ने अमेरिका से ईरान के मुद्दे पर अल्टीमेटम की भाषा छोड़कर वार्ता के रास्ते पर लौटने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के प्रयास तभी सफल हो सकते हैं जब वाशिंगटन दबाव और धमकियों की नीति छोड़कर बातचीत को प्राथमिकता दे।

यह बयान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई बातचीत के बाद जारी किया गया। मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित किसी भी स्तर पर ऐसे कदमों से बचना चाहिए, जो राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की शेष संभावनाओं को कमजोर करें।

रूस ने कहा कि पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक और स्थायी सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए तनाव घटाना आवश्यक है और इसमें अमेरिका की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मास्को के अनुसार, बातचीत की प्रक्रिया बहाल करना ही संकट के समाधान का सबसे प्रभावी तरीका है।

हमास ने कहा, हथियार छोड़ने की मांग स्वीकार्य नहीं

इसके अलावा, हमास के सशस्त्र विंग ने रविवार को कहा कि समूह से हथियार छोड़ने की मांग स्वीकार्य नहीं है। इस मुद्दे को उठाना फलस्तीनियों के खिलाफ चल रहे नरसंहार को जारी रखने का प्रयास है। एक टेलीविजन बयान में, हमास के सशस्त्र विंग के प्रवक्ता ने कहा कि समूह किसी भी परिस्थिति में ऐसी मांगों को स्वीकार नहीं करेगा।

‘ऐसी तीन और जीत मिलीं तो अमेरिका बर्बाद’

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने अमेरिकी बचाव अभियान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि अमेरिका को ऐसी तीन और “जीत” मिल गईं तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तबाह विमान की तस्वीर साझा करते हुए यह टिप्पणी की।

वहीं, ईरानी सैन्य प्रवक्ता के अनुसार दक्षिणी इस्फहान में अमेरिकी लड़ाकू पायलट को बचाने की कोशिश के दौरान संयुक्त अभियान में दो ब्लैक हाक हेलीकाप्टर और एक सी-130 सैन्य परिवहन विमान मार गिराए गए। खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड, बसीज बलों और स्थानीय सुरक्षा इकाइयों ने मिलकर यह कार्रवाई की।

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