नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने खुलासा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्री हमला करने के बेहद करीब थी, लेकिन इस्लामाबाद के अनुरोध पर कार्रवाई रोकी गई।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने बुधवार को मुंबई में आयोजित ‘नौसेना अलंकरण समारोह’ में कहा कि पिछले साल पहलगाम में आतंकी हमले के बाद चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्री प्रहार करने के बेहद करीब थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि भारत हमले से महज कुछ मिनट दूर था, तभी इस्लामाबाद ने सैन्य कार्रवाई (काइनेटिक एक्शन) रोकने का अनुरोध किया।
नौसेना का आक्रामक रुख और संकल्प एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभियान ने नौसेना की अनुकरणीय तैयारी और संकल्प का प्रदर्शन किया। नौसेना की इकाइयों ने बहुत कम समय में तीव्र तैनाती की और पूरे अभियान के दौरान अत्यधिक आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई ने अपनी क्षमताओं के प्रति देश के विश्वास और भरोसे को और मजबूत किया है।
नौसेना पाकिस्तान पर समुद्री हमले के बेहद करीब थी
वैश्विक समुद्री चुनौतियां और आत्मनिर्भरता पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा करते हुए नौसेना प्रमुख ने बताया कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने के बाद से 20 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए हैं। ‘होर्मुज’ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर अब केवल 6-7 रह गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था में समुद्र अब रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का मुख्य अखाड़ा बन गए हैं।
उन्होंने ‘ऑपरेशन ब्रह्म’ (म्यांमार) और ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ (श्रीलंका) जैसे मिशनों का जिक्र करते हुए भारत के ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ होने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ‘आत्मनिर्भरता’ पर जोर देते हुए बताया कि एक वर्ष में 12 जहाजों और पनडुब्बियों को शामिल कर नौसेना ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
‘युद्ध सेवा पदक’ से सम्मानित: नौसेना प्रमुख
नौसेना के दो शीर्ष अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा पदक’ ऑपरेशन सिंदूर में विशिष्ट सेवा के लिए नौसेना प्रमुख ने दो शीर्ष नौसेना अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा पदक’ से सम्मानित किया। उन्होंने नौसेना संचालन महानिदेशक (डीजीएनओ) वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और वाइस एडमिरल राहुल गोखले को पदक प्रदान किए। वाइस एडमिरल प्रमोद को दिए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना अभियानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अप्रैल 2025 में पाकिस्तान के साथ तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर उन्हें भारतीय प्रतिक्रिया योजना को शीघ्रता से तैयार करने और उसे जल्द से जल्द क्रियान्वित करने का कार्य सौंपा गया था। वहीं, वाइस एडमिरल गोखले को दिए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि उनकी रणनीतिक दूरदर्शिता ने सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों सहित छह सफल मिसाइल हमलों को सुनिश्चित किया।
नौसेना के दो शीर्ष अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक
ऑपरेशन सिंदूर में विशिष्ट सेवा के लिए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दो शीर्ष नौसेना अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया। यहां आयोजित एक नौसेना अलंकरण समारोह में त्रिपाठी ने नौसेना संचालन महानिदेशक (डीजीएनओ) वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद और वाइस एडमिरल राहुल गोखले को पदक प्रदान किए।
वाइस एडमिरल प्रमोद को दिए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि उन्होंने आपरेशन ¨सदूर के दौरान नौसेना अभियानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अप्रैल 2025 में पाकिस्तान के साथ तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर उन्हें भारतीय प्रतिक्रिया योजना को शीघ्रता से तैयार करने और उसे जल्द से जल्द क्रियान्वित करने का कार्य सौंपा गया था।
वहीं, वाइस एडमिरल गोखले को दिए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि उनकी रणनीतिक दूरदर्शिता ने सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों सहित छह सफल मिसाइल हमलों को सुनिश्चित किया।





