अलीगढ़। अलीगढ़ के पुलिस कप्तान नीरज जादौन जनपद की पुलिस को सुधारने में लगे हैं परंतु कुछ पुलिस कर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामले में थाना अतरौली पुलिस का ऐसा ही प्रकरण सामने आया है। प्राप्त जानकारी अनुसार थाना अतरौली अंतर्गत ग्राम लोहगड़ निवासी योगेंद्र सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह ने अपनी ही पत्नी के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया कि मेरी पत्नी 15/03/2026 को रात्रि 2 बजे घर से लापता हो गई है। इस घटना को पुलिस के जिम्मेदार उप निरीक्षक रीतिक कुमार बंसल ने बिना किसी जांच के सभी नियम ताक पर रखकर गुड़गांव स्थित दिनांक 25/03/26 को समय रात्रि 7:30 पर महिला के किराए की मकान पर जा धमके और दरोगा ने कानून का नाजायज फायदा उठाते हुए महिला को गाली गलौज करते हुए महिला और उसकी बूढ़ी मां को जबरन गाड़ी में ले आए।
उसके साथ गुड़गांव के ही निवासी एक कार चालक को भी महिला के साथ जबरन उठाकर ले आए। महिला ने इस बात का विरोध किया तो महिला के गाल पर तमाचा रख दिया। हैरानी की बात तो यह है कि उपरूक्त दरोगा रितिक कुमार बंसल ने वर्दी का नाजायज फायदा उठाते हुए बिना महिला पुलिस और गुड़गांव स्थित लोकल थाने की पुलिस को साथ लिए बिना महिला को उठाना जांच का विषय है। जबकि न्यायालय का आदेश है कि किसी भी महिला को बिना महिला पुलिस के गिरफ्तार न किया जाए। उसी महिला के साथ साथ दरोगा ने महिला की मदद कर रहा युवक भी जबरन लाया गया। और रात्रि में महिला को महिला स्टेप सेंटर कुवारसी में रखा तो वही युवक को अतरौली थाने में रखा गया। महिला की माने तो पीड़िता महिला किसी को अपनी आप बीती बताने बाथरूम में फोन लेके गई तो दरोगा बाथरूम तक में घुस गया और उसका मोबाइल छीन लिया। वही अगले दिन 26 मार्च को अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट रुचि सिंघल ने महिला के कलम बंद बयान लेकर महिला और उसके साथ झूठा उठाया गया युवक को निर्दोष साबित करते हुए महिला को उसकी मांग अनुसार उसके माइके पक्ष जाने के लिए निर्देषित किया।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पीड़िता महिला ने ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर एसएसपी अलीगढ़ को दिनाँक 18 मार्च को एक प्रार्थना पत्र डाक द्वारा भेजा था और उसी के साथ न्यायालय में ससुराल वालों पर वाद दायर किया था। महिला ने बताया कि पिछले 22 सालों से महिला पति और अन्य ससुराली जनों के उत्पीड़न को झेल रही। महिला की माने तो उसका पति 16 मार्च को महिला के साथ मारपीट कर उसके 14 वर्षीय पुत्र को उठा कर ले आया। और महिला के खिलाफ ही अतरौली थाने में उल्टा मुकदमा दर्ज करा दिया। अतरौली थाने ने बिना किसी जांच के 4 दिन बाद महिला को गुड़गांव से उठा लाए। अभी भी अतरौली पुलिस बेगुनाह युवक से फोन कर 15 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। क्या अलीगढ़ के पुलिस कप्तान इस प्रकरण में दोषी दरोगा के खिलाफ जिसने की बिना महिला पुलिस और बिना गुड़गांव पुलिस को साथ लिए अपनी फर्दी का नाजायज फायदा उठाते हुए महिला को साथ लाए इस पर कार्यवाही करेंगे और महिला को न्याय मिलेगा?





