उरई(जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की अध्यक्षता में तहसील माधौगढ़ के सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित, गुणवत्तापूर्ण तथा पारदर्शी निस्तारण के कड़े निर्देश दिए गए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 37 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान हेतु जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को टीम बनाकर उसी दिन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम हुसेपुरा निवासी मुन्ना लाल पुत्र काशी प्रसाद की लंबे समय से लंबित खतौनी त्रुटि की समस्या को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही निस्तारित कराया। समस्या के समाधान से फरियादी के चेहरे पर संतोष और खुशी स्पष्ट दिखाई दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों का निष्पक्ष, संवेदनशील एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारित मामलों की सूचना समय पर फरियादियों को दी जाए।
ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने गौशालाओं के नियमित निरीक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक गौशाला में भूसा, हरा चारा एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही कम से कम 10 कुंतल भूसा रिजर्व रखने और जनपद से बाहर भूसे की निकासी पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में कहीं भी पेयजल एवं बिजली की समस्या उत्पन्न न होने पाए, इसके लिए पूर्व से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि मारपीट, आपसी रंजिश एवं अन्य आपराधिक मामलों में निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के०के० सिंह, उप जिलाधिकारी राकेश सोनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।





