ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय एक बार फिर शिक्षा, शोध और अधोसंरचना के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छूने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया है, जिसमें नए तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत, खेल एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का विस्तार तथा योग्य शिक्षकों की नियुक्ति प्रमुख रूप से शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया
कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए एक चार मंजिला अत्याधुनिक भवन के निर्माण की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है और शीघ्र ही इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इस भवन के निर्माण से न केवल तकनीकी शिक्षा को नई मज़बूती मिलेगी, बल्कि विद्यार्थियों को नवीनतम प्रयोगशालाओं और अत्याधुनिक संसाधनों का भी लाभ प्राप्त होगा।
खेल और सांस्कृतिक सुविधाओं का होगा विस्तार
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में खेल एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2026 से छात्रों को टेनिस और बास्केटबॉल कोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही परिसर में लगभग 1200 लोगों की बैठक क्षमता वाला भव्य प्रेक्षागृह, आधुनिक कंप्यूटर सेंटर तथा बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
57 पदों पर होगी शिक्षकों की भर्ती
शैक्षणिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने की दिशा में विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी तेज़ गति से आगे बढ़ रही है। प्रो. तनेजा ने बताया कि सेकंड फाइनेंस योजना के अंतर्गत एसोसिएट प्रोफेसर एवं सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति की जा रही है। वर्तमान में 14 विषयों में कुल 57 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिससे प्रत्येक विभाग में पर्याप्त और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
रोज़गारोन्मुख नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू
विश्वविद्यालय में इस सत्र से कई रोज़गारोन्मुख एवं नवाचार आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें B.Tech साइबर सिक्योरिटी, B.Tech आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, M.Tech बायोटेक्नोलॉजी, M.Sc. माइक्रोबायोलॉजी, डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन (हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी एवं फ्रेंच) तथा डिप्लोमा इन फिल्म एंड टेलीविजन जैसे पाठ्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करियर अवसर प्रदान करेंगे।
2026 में NIRF रैंकिंग में होगी मज़बूत वापसी
कुलपति प्रो. तनेजा ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में नए और सशक्त आंकड़ों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर एक सुदृढ़ और प्रतिष्ठित पहचान प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा, “ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय को हम केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार और संस्कारों के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को रोज़गारोन्मुख, शोधपरक और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।





