अलीगढ़। अध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर प्राप्त) उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग डॉ. बबीता सिंह चौहान द्वारा विकास भवन सभागार में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर कन्या पूजन, जन्मोत्सव, अन्नप्राशन, गोदभराई, पोषण पोटली एवं आयुष्मान कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजन कर सभी को लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि कन्या पूजन की परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है। जिस माता के आंचल से कन्या जन्म लेती है, वह स्वयं पूजनीय होती है। आज के कार्यक्रम में माता और कन्या दोनों का सम्मान कर समाज को नारी गरिमा का संदेश दिया जा रहा है। भारतीय संस्कृति में वर्णित 16 संस्कार मानव जीवन को मर्यादित और अनुशासित बनाते हैं, जिसमें जन्मोत्सव प्रथम संस्कार है।
संस्कार और संस्कृति ही प्राचीन भारत की पहचान है। सरकार महिलाओं को स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाएं बालिकाओं और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। आज प्रदेश सुरक्षित हाथों में है, छात्राएं बेखौफ होकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और महिलाएं अपने कार्यों का बखूबी निर्वहन कर रही हैं।
डॉ0 चौहान ने कहा कि पहले गंभीर रोगों से पीड़ित रोगियों की उपेक्षा की जाती थी। वर्तमान सरकार में सभी रोगियों का समुचित उपचार और देखभाल की जा रही है। क्षय रोगियों को पोषण पोटली और डीपीटी के माध्यम से सीधे धनराशि उनके खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी भी किशोरियां अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हैं।
उन्हें संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति सजग रहना चाहिए साथ ही बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने और पढ़ाई, खेलकूद व व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बेटियों का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध समाज की आधारशिला है।





