अगर आप भी लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में सिर्फ टोटल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा पर ध्यान देते हैं, तो आपको बाकी जरूरी रेशियो के बारे में भी जान लेना चाहिए।
अपनी सेहत का हाल जानने के लिए नियमित हेल्थ चेकअप करवाना जरूरी है, जिसमें लिपिड प्रोफाइल टेस्ट सबसे कॉमन है।
हालांकि, इस टेस्ट रिपोर्ट को समझने में कई लोगों को परेशानी होती है। कई लोग सिर्फ टोटल कोलेस्ट्रॉल काउंट पर ध्यान देते हैं, लेकिन हार्ट डिजीज के रिस्क को समझने के लिए सिर्फ यह जानना काफी नहीं है।
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में हर आंकड़ा क्या कहता है, इस बारे में डॉ. सुधीर कुमार, MD, DM ने एक ट्वीट शेयर करके जानकारी दी। आइए जानें कैसे समझें लिपिड प्रोफाइल टेस्ट क्या बता रहा है।
लिपिड प्रोफाइल के मुख्य 4 टेस्ट
- टोटल कोलेस्ट्रॉल- यह आपके ब्लड में मौजूद कुल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा है। इसका स्तर 200 mg/dL से कम होना सामान्य माना जाता है।
- LDL कोलेस्ट्रॉल- इसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं क्योंकि यह आर्टरीज में जमा होकर उन्हें ब्लॉक कर सकता है। इसका स्तर 100 mg/dL से कम होना चाहिए।
- ट्राइग्लिसराइड्स- यह ब्लड में मौजूद एक प्रकार का फैट है। इसका स्तर 150 mg/dL से कम होना चाहिए।
- HDL कोलेस्ट्रॉल- इसे गुड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं क्योंकि यह शरीर से बुरे कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है। इसका स्तर 50 mg/dL से ज्यादा होना दिल के लिए अच्छा माना जाता है।
इन जरूरी रेशियो पर भी दें ध्यान
- टोटल कोलेस्ट्रॉल/HDL रेशियो- यह आपके दिल की बीमारियों के जोखिम का सबसे बड़ा इडिकेटर है। 3.5 से कम होना सबसे बेहतर है। 5 से कम अच्छा है, लेकिन अगर यह रेशियो 5 से ऊपर है, तो यह खतरनाक है। पुरुषों में 9.6 और महिलाओं में 7 का अनुपात दिल की बीमारियों के जोखिम को दोगुना कर देता है।
- LDL/HDL रेशियो- यह रेशियो बताता है कि आपके शरीर में बैड और गुड कोलेस्ट्रॉल का बैलेंस कैसा है। 2 से कम सबसे अच्छा है, लेकिन अगर यह 5 से ऊपर है, तो खतरे की निशानी है। यह सडन कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को बढ़ाता है।
- ट्राइग्लिसराइड (TG)/HDL रेशियो- यह अनुपात मेटाबॉलिक सिंड्रोम और हार्ट अटैक के जोखिम को पहचानने के लिए बहुत मददगार है। 2 या उससे कम अच्छा है और 6 या उससे ज्यादा होने पर हार्ट अटैक का खतरा 16 गुना तक बढ़ सकता है।
कैसे समझें अपनी रिपोर्ट?
अपनी रिपोर्ट को समझने के लिए इस नियम को याद रखें-
- टोटल कोलेस्ट्रॉल, LDL और ट्राइग्लिसराइड- ये जितने कम हों, उतना अच्छा है।
- HDL कोलेस्ट्रॉल- यह जितना ज्यादा हो, उतना बेहतर है।
एक जरूरी सलाह
हर व्यक्ति का शरीर और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है। अपनी रिपोर्ट के आधार पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने या दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वे आपकी उम्र, लाइफस्टाइल और रिस्क फैक्टर्स का बेहतर आंकलन कर सकते हैं।





