वहाज अली निहाल
इटावा। नबी सल्ल.ने फरमाया रमज़ान वो मौसम है जहां तौबा के फूल खिलते हैं और गुनाह मुरझा जाते है।तिलावत,इबादत,रहमतों,बरकतों और गुनाहों से तौबा करने का पाक महीना रमज़ान-उल-मुबारक के तीसरे और आख़री अशरे व छब्बीस रमज़ान मुबारक को रामगंज चौराहे पर स्थित ऊंची मस्जिद में तरावीह की नमाज़ में कुरआन पाक मुकम्मल हुआ।कुरआन पाक मुकम्मल होने पर दानिश वारसी के बेटे हाफिज़ हुसैन वारिस वारसी को उलमाए इकराम,नमाज़ियों व शहर के काफी संख्या में लोगों ने इस मुबारक मौके पर गुलपोशी की और गले मिलकर मुबारकबाद दी।आख़िर में मस्जिद पंजाबियान के पेश इमाम मौलाना ज़ाहिद रज़ा ने सभी के हक़ में दुआ की और महफ़िल में बैठे लोगों ने कहा आमीन।हाफिज़ वारसी साहब की हौसला अफज़ाई में पहुंचे सभी लोगों का दानिश वारसी ने तहे-दिल से शुक्रिया अदा किया।





