Monday, March 16, 2026
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PhonePe IPO पर बड़ा अपडेट, कंपनी ने टाली अपनी एंट्री; अब कब आएगा इसका आईपीओ

PhonePe IPO Big Update: डिजिटल भुगतान मंच PhonePe ने भू-राजनीतिक संघर्ष और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण अपने आईपीओ की एंट्री अस्थायी रूप से टाल दी है। कंपनी ने कहा है कि वैश्विक पूंजी बाजारों में स्थिरता आने के बाद ही सूचीबद्धता प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।

प्राइमरी मार्केट में बहुत समय से कोई फेमस कंपनी की एंट्री नहीं हुई है। इस बीच जिन मेनबोर्ड आईपीओ ने प्रवेश किया है। उनमें से भी बहुत कम ऐसे आईपीओ रहे जिन्होंने निवेशकों की लिस्टिंग में छपड़फाड़ कमाई कराई हो।

प्राइमरी मार्केट के निवेशकों के लिए एक बुरी खबर आ रही है। दरअसल डिजिटल भुगतान एवं वित्तीय सेवा मंच फोन पे ने आईपीओ (PhonePe IPO) की एंट्री फिलहाल अस्थाई रूप से टाल दी है। जाहिर है कि कंपनी यूपीआई जगत में काफी फेमस है और निवेशक इस आईपीओ का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब जानते हैं कि कंपनी ने फिलहाल अपनी एंट्री क्यों टाल दी है?

सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया क्यों रोकी

कंपनी ने वर्तमान भू-राजनीतिक संघर्ष (अमेरिका, ईरान और इजरायल युद्ध) और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण अपने आईपीओ की सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया को फिलहाल अस्थायी रूप से टाल दिया है। कंपनी का ये फैसला मौजूदा आईपीओ के साथ हो रही निवेशकों की प्रतिक्रिया को देखते हुए भी लिया गया होगा।

कब आएगा फिर आईपीओ?

कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि वैश्विक पूंजी बाजारों में कुछ स्थिरता आने के बाद वह सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगी। फोन पे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने कहा, ‘‘ हम प्रभावित सभी क्षेत्रों में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद करते हैं। भारत में सार्वजनिक सूचीबद्धता के लिए हमारी प्रतिबद्धता बरकरार है।

इस आईपीओ का हुआ बुरा हाल

इनोविजन ने अपने आईपीओ की अंतिम तारीख 17 मार्च तक बढ़ा दी थी। अंतिम तारीख आने में बस एक दिन का समय और बचा है फिर भी निवेशक इसमें खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अंतिम तारीख बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी की ओर से प्राइस बैंड में भी कटौती की गई थी।

हालांकि दोपहर 1.14 बजे तक इनोविजन आईपीओ का सब्सक्रिप्शन 0.91 गुना हुआ है। अगर रिटेल निवेशकों की बात करें तो रिटेल इन्वेस्टर्स का सब्सक्रिप्शन 0.26 गुना ही हुआ है। ये साफ तौर पर दर्शा रहा है कि रिटेल निवेशकों को इस आईपीओ पर खास दिलचस्पी नहीं है।

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