शारदा कार्यक्रम के तहत ड्रॉप-आउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर दिया गया जोर
बांसी सिद्धार्थनगर। स्थानीय ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) बांसी में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘आउट ऑफ स्कूल’ (OOSC) प्रशिक्षण शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बांसी, श्री नीरज सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः विद्यालय लाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।शारदा पोर्टल और डेटा फीडिंग: संदर्भदाताओं ने शिक्षकों को ‘शारदा’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। इसमें आउट ऑफ स्कूल बच्चों के बेसलाइन मूल्यांकन और शारदा पोर्टल पर डेटा फीडिंग की बारीकियों को समझाया गया।
ब्रिज कोर्स: बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा स्तर पर लाने के लिए विशेष ‘ब्रिज कोर्स’ के संचालन पर विस्तृत चर्चा की गई।सृजनात्मक शिक्षण: संदर्भदाता गणेश पाठक, ध्रुव नारायण दुबे, आत्माराम, मारुति नंदन श्रीवास्तव और आशीष त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि इन बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए भावनात्मक लगाव और खेल-आधारित शिक्षण पद्धति (Activity Based Learning) अनिवार्य है।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी श्री नीरज सिंह ने कहा, “इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ब्लॉक का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि वे हर ड्रॉप-आउट बच्चे को चिन्हित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करें।”





