ग्लूकोमा मुक्त विश्व के लिए एकजुटता थीम के साथ जागरूकता अभियान तेज
सैफई,इटावा। विश्व ग्लूकोमा सप्ताह वर्ष 2026 के अंतर्गत 8 से 14 मार्च तक “ग्लूकोमा मुक्त विश्व के लिए एकजुटता” विषय पर आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई।इसी क्रम में 13 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में ग्लूकोमा वॉक का आयोजन किया गया।
इस जागरूकता वॉक में नेत्र विज्ञान विभाग एवं ऑप्टोमेट्री विभाग के संकाय सदस्यों और छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की। साथ ही एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।वॉक का उद्देश्य समाज में ग्लूकोमा(काला मोतिया)जैसी गंभीर नेत्र बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना,समय पर जांच की आवश्यकता बताना तथा अंधत्व की रोकथाम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ रमाकांत यादव ने कहा कि ग्लूकोमा एक “साइलेंट विज़न किलर”है,जिसके प्रारंभिक लक्षण स्पष्ट नहीं होते। इसलिए समय रहते नियमित नेत्र जांच,शीघ्र निदान और समुचित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
ग्लूकोमा वॉक में कार्यक्रम में प्रो.(डॉ.) एस.पी.सिंह,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक,प्रो.(डॉ.)रवि रंजन, विभागाध्यक्ष,नेत्र विज्ञान विभाग,प्रो. (डॉ.)रीना शर्मा,ग्लूकोमा विशेषज्ञ,डॉ. अहमद हुसैन,डॉ.गौरव दुबे,डॉ.आदित्य त्रिपाठी सभी ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की कि वे नियमित नेत्र परीक्षण कराएं और दृष्टि संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें।विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के दौरान आमजन के लिए नेत्र परीक्षण,परामर्श एवं जागरूकता गतिविधियां निरंतर आयोजित की जा रही हैं,जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें रैली के माध्यम से लोगों को ग्लूकोमा संबंधित जानकारी के लिए पम्पलेट भी बांटे गए।





