मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है। ईरान के यूएई में अमेरिकी एयरबेस पर हमले और एयरस्पेस बंद होने से हजारों उड़ानें रद हो गई हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर हवाई यात्रा पर देखने को मिल रहा है। दुबई एयरपोर्ट पर हजारों फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं।
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी एयरबेस पर हमले किए हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच कई देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिसके चलते फ्लाइट्स कैंसिल होती जा रही हैं।
दुबई एयरपोर्ट पर हजारों फ्लाइट्स कैंसिल
मिडिल ईस्ट में हवाई यात्रा में इस समय बहुत ज्यादा रुकावट आ रही है। बड़े पैमाने पर एयरस्पेस बंद होने से कई फ्लाइट्स कैंसल हो रही हैं। वहीं कई फ्लाइट्स का रास्ता भी बदला जा रहा है।
इसका सबसे ज्यादा असर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पड़ा है, जो दुनिया के सबसे बिजी एविएशन हब में से एक है और इस समय यह लगभग ठप हो गया है। दुबई में जहां एक दिन में 1200 फ्लाइट्स उड़ान भरती थीं, अब इन फ्लाइट्स की संख्या घटकर केवल 20 रह गई है।
2 मार्च, 2026 का डाटा दुबई एयरपोर्ट की बहुत बुरी तस्वीर दिखाता है। फ्लाइट ट्रेडर 24 के मुताबिक, इस दिन दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सिर्फ 20 एयरक्राफ्ट मूवमेंट रिकॉर्ड किए गए।
पिछले हफ्ते, एयरपोर्ट पर कुल 5,654 मूवमेंट रिकॉर्ड किए, जिसमें 2,830 टेक-ऑफ और 2,824 लैंडिंग शामिल हैं। उदाहरण के लिए, 27 फरवरी को एक ही दिन में कुल 1,257 मूवमेंट हुए। 26 फरवरी को यह संख्या 1,240 थी और 25 फरवरी को 1,236 मूवमेंट हुए।
भारत से जाने वाली फ्लाइट्स पर भी पड़ा असर
यूरोप, एशिया और भारत से आने वाली फ्लाइट्स भी या तो बीच रास्ते में कैंसल कर दी गई हैं या घंटों हवा में रहने के बाद वापस भेज दी गई हैं।
दुबई का एयरपोर्ट, जो आमतौर पर चौबीसों घंटे और बिना किसी रुकावट के काम करता है, इस समय बहुत ज्यादा पाबंदियों का सामना कर रहा है।
एयरस्पेस का एक्सेस बहुत कम होने से, आने और जाने वाली फ्लाइट्स दोनों ही अब तक के सबसे निचले लेवल पर आ गई हैं।





