Holi Scenes In Movies: चाहे सुपरहिट होली सॉन्ग्स हों या फिर सीक्वेंस, हिंदी फिल्मों में होली बहुत अहम रही है। चलिए आपको उन फिल्मों के बारे में बताते हैं जो बिना होली के अधूरी हैं।
भारतीयों के लिए होली एक बड़ा त्योहार है और इसका अंदाजा आप फिल्मों में होली सॉन्ग्स (Holi Songs) और होली क्लाईमैक्स (Holi Climax) से साफ लगा सकते हैं। दशकों से फिल्मों में होली सीक्वेंस का अहम योगदान रहा है।
कुछ फिल्मों की कहानी तो बिना होली सीक्वेंस के अधूरी हैं। कुछ हिट फिल्मों की पूरी कहानी ही होली के बाद बदल जाती है।
आज हम आपको उन ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें होली का सीक्वेंस पूरी कहानी पलट देता है। इस होली सीक्वेंस के बाद ही असली ड्रामा शुरू होता है। नो-डाउट यह सीन्स दर्शकों का फेवरेट बना हुआ है।
डर (Darr)
शाह रुख खान, जूही चावला और सनी देओल जैसे सितारों से सजी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘डर’ में एक होली सीन है जो पूरी कहानी की काया ही पलट देती है।
फिल्म में होली का एक सीन है जहां किरण (जूही) ढोल के थाप पर नाचती है और यहीं राहुल (शाह रुख) के खतरनाक मंसूबे उसे हिला देते हैं।
सिलसिला (Silsila)
सिलसिला में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, संजीव कुमार और रेखा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म ने न केवल सदाबहार होली सॉन्ग ‘रंग बरसे’ (Holi Song Rang Barse) दिया, बल्कि इसका सीक्वेंस भी काफी चर्चा में रहा।
सिलसिला के होली सीन (Silsila Holi Scene) में ही शोभा (जया) और डॉ वीके सिंह (संजीव) को पता चलता है कि अमित (अमिताभ) और चांदनी (रेखा) पहले एक-दूसरे से प्यार करते थे। इसके बाद कहानी एक अलग मोड़ लेती है।
दामिनी (Damini)
हिट फिल्मों में शुमार दामिनी में मीनाक्षी शेषाद्रि, ऋषि कपूर और सनी देओल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में होली का सीक्वेंस पूरी कहानी की काया पलट देता है।
होली के सीक्वेंस में ही दामिनी (मीनाक्षी) के साथ यौन उत्पीड़न होता है जिसके बाद वह इंसाफ के लिए एक बड़ी लड़ाई शुरू करती है। इसके लिए उसे कई मुसीबतों से गुजरना पड़ता है।
शोले (Sholay)
होली के सीन्स की बात हो और शोले का जिक्र न हो, ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता है। गब्बर (अमजद खान) का मशहूर डायलॉग- होली कब है? कब है होली? कब है? आज भी लोगों की जुबान पर रहा है।
शोले ने होली का हिट सॉन्ग (Sholay Holi Song Holi Ke Din) भी दिया और सुपरहिट सीक्वेंस भी। इसी कहानी के बाद जय (अमिताभ बच्चन) राधा (जया बच्चन) व बसंती (हेमा मालिनी) और वीरू (धर्मेंद्र) को करीब लाता है। साथ ही जय-वीरू को ठाकुर की दर्द भरी दास्तां का पता चलता है।





