सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबधित योजनाओ की समीक्षा बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा समीक्षा के दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति कम पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी। जिलाधिकारी ने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी को क्षेत्र भ्रमण करने हेतु निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने समस्त एमओआईसी को निर्देश दिया कि जो आशा डिलीवरी नही करा रही है उन्हें चिन्हित कर नोटिस निर्गत करें। सभी एमओआईसी सुनिश्चित कर ले कि डिलीवरी घर पर नहीं होना चाहिए।
सभी गर्भवती महिलाओ का प्रसव अस्पताल में ही हो। घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होगे। एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय करें जिससे कोई भी गर्भवती महिला व उसके परिजन सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकें। बीएचएनडी दिवस में कम एचआरपी वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका बेहतर इलाज कराये और सावधानियां बरतने का सलाह दें।
काम न करने वाले डाक्टर/सीएचओ/आशा/एएनएम को नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया। टीकाकरण का शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग कराने का निर्देश दिया। काम न करने वाली आशा व सीएचओ के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा अनटाइड फन्ड, परिवार नियोजन, टीकाकरण अभियान, पी0सी0पी0एन0डी0टी0, रोगी कल्याण समिति, हेल्थ वेलनेस सेन्टर, आदि की समीक्षा की गयी।
ई-संजीवनी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मरीजों को टेली मेडिसिन सुविधा उपलब्ध करानें हेतु निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वार रूम का निरीक्षण करे। इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ मातृ शिशु मृत्यु दर की समीक्षा की गयी। सम्भव अभियान की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि सैम मैम बच्चों को चिन्हित करें।
बैठक में उपरोक्त के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रजत कुमार चौरसिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0ए0के0झा, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, प्र0 जिला विद्यालय निरीक्षक दयाशंकर यादव, डैम राजेश मिश्रा, डी0सी0पी0एम0, समस्त सीएचसी/पीएचसी के एम0ओ0आईसी0, बीपीएम, बीसीपीएम आदि उपस्थित थे।





