शमीम निखत कहानी प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा

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शाज़िया परवीन,रज़ा अबरार तथा सामिया सदफ़ की कहानियाँ प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित

तीन विश्वविद्यालयों और चार कॉलेजों के छात्रों की कहानियाँ पुरस्कार के लिए चयनित

लखनऊ: शुआ फ़ातिमा एजुकेशनल एंड चेरीटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस वर्ष की शमीम निखत कहानी प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।
रिसर्च और एम.ए. स्तर पर लखनऊ विश्वविद्यालय (उर्दू विभाग) की स्कॉलर शाज़िया परवीन की कहानी “शुक्रिया के ज़ख़्म” को पहला पुरस्कार, जबकि ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी (उर्दू विभाग) की स्कॉलर ताहिरा खातून की कहानी “रिश्तों के मोल” को दूसरा पुरस्कार दिया गया है।
इसी स्तर पर लखनऊ विश्वविद्यालय (उर्दू विभाग) की एम.ए. छात्रा नाज़िया बानो की कहानी “अधूरे ख़्वाब” को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

बी.ए. स्तर पर मुमताज़ पी.जी. कॉलेज (उर्दू विभाग) के छात्र रज़ा अबरार की कहानी “चाँदनी और कूड़ा बीनने वाली लड़की” तथा ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी (उर्दू विभाग) की छात्रा सामिया सदफ़ की कहानी “सब ठीक हो जाएगा” को पहले स्थान के लिए चयनित किया गया है।
दूसरे पुरस्कार के लिए करामत हुसैन गर्ल्स पी.जी. कॉलेज (उर्दू विभाग) की छात्रा फ़ातिमा सारा ज़ैदी की कहानी “ख़्वाब से हक़ीक़त तक” को चुना गया है।

इसके अतिरिक्त शिया कॉलेज की छात्रा माहिरा, मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (लखनऊ कैंपस) की छात्रा बादे सबा, और इरम डिग्री कॉलेज की छात्रा अज़रा अंजुम को कंसोलेशन पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

इस प्रतियोगिता में प्राप्त कहानियों का मूल्यांकन ज्यूरी सदस्यों —
डॉ. सबीहा अनवर (ऑनलाइन), प्रोफेसर रेशमा परवीन, डॉ. इशरत नाहिद (ऑनलाइन), डॉ. परवीन शुजाअत, प्रोफेसर शबनम रिज़वी, और डॉ. मूसी रज़ा — ने पढ़कर किया।

पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार राशि और एवार्ड 16 नवम्बर को कैफ़ी आज़मी अकादमी में दोपहर 2:30 बजे आयोजित होने वाले “शमीम निखत फिक्शन एवार्ड 2025” कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रोफेसर क़ाज़ी जमाल हुसैन शमीम निखत मेमोरियल लेक्चर देंगे, जबकि प्रसिद्ध फ़िक्शन राइटर प्रोफेसर तारिक छत्तारी को शमीम निखत फिक्शन एवार्ड और डॉ. अकबर अली बिलग्रामी को वकार मेहंदी रिज़वी सहाफत एवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

इस मौके पर ट्रस्ट की उपाध्यक्ष डॉ. यास्मीन अंजुम और सोसाइटी के सचिव आसिम रज़ा ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विचार-विमर्श किया और उम्मीद जताई कि इस बार भी बड़ी संख्या में ज्ञान और साहित्य प्रेमी आयोजकों को अपनी सेवाएँ देने का अवसर प्रदान करेंगे।

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