हमीरपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव महेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को निराश्रित महिलाओं और बच्चियों के लिए संचालित वन स्टॉप सेंटर तथा चाइल्ड लाइन हमीरपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेंटर पर काउंसलर रीना, सिक्योरिटी गार्ड किरन, मल्टीपरपज स्टाफ रेखा और कंप्यूटर ऑपरेटर अनुभव मौजूद रहे, जबकि सेंटर प्रबंधक मोनिका गुप्ता अनुपस्थित पाई गईं।
काउंसलर ने बताया कि प्रबंधक अचानक तबियत खराब होने के कारण दोपहर एक बजे बाहर गई थीं। निरीक्षण के समय सेंटर पर कोई भी महिला या बच्ची आवासित नहीं थी, हालांकि पंजिका के अनुसार तीन महिलाएं या बच्चियां सुबह बयान के लिए महिला आरक्षी के साथ गई थीं। सचिव ने पाया कि कुछ पंजिकाएं अद्यतन नहीं भरी गईं और भोजन वितरण का कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया।
सचिव ने कर्मचारियों को रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखने और भोजन संबंधी अभिलेख बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरे तो कार्यशील पाए गए, लेकिन उनका मॉनीटर डीपीओ कार्यालय में स्थापित पाया गया। इस पर डीपीओ राजीव सिंह को वन स्टॉप सेंटर में भी एक मॉनीटर लगाने, सफाई व्यवस्था सुधारने और मच्छररोधी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चाइल्ड लाइन हमीरपुर के निरीक्षण के दौरान डीसी सफवान और चार केस वर्कर उपस्थित रहे। वहां कोई बच्चा आवासित नहीं पाया गया। सचिव ने पाया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों के रहने की उचित व्यवस्था नहीं है और बेड आदि बरामदे में रखे हैं। इस पर डीपीओ राजीव सिंह ने बताया कि कृषि विभाग का एक स्टोर रूम बच्चों के आवास हेतु आवंटित हो गया है और शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीएलएसए की काउंसलर अधिवक्ता शैलजा निगम भी उपस्थित रहीं। सचिव ने निर्देश दिया कि यदि किसी आवासित महिला या बच्ची को निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित किया जाए।





