Tuesday, March 17, 2026
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100 करोड़ कमाकर भी क्यों सुपरहिट नहीं हुईं 2025 की ये बॉलीवुड फिल्में? 6 महीने ऐसा रहा बॉक्स ऑफिस का हाल

जनवरी से लेकर जून तक पिछले 6 महीने में तकरीबन 51 से ज्यादा हिंदी फिल्में थिएटर में रिलीज हुईं जिनमें से इस साल की 5 से 6 फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया। क्यों सलमान से लेकर अक्षय और अजय जॉन के थिएटर में आने के बाद भी बीते छह महीने में सुस्त रहा बॉक्स ऑफिस यहां पर पढ़ें

इस साल की पहली छमाही बीत रही है। इन छह महीनों में कई बड़े सितारों की फिल्में प्रदर्शित हुईं। पांच हिंदी और एक हॉलीवुड फिल्म ने सौ करोड़ क्लब में जगह बनाई। हिट फिल्मों की संख्या फिर भी गिनी-चुनी ही रही। 2025 की पहली छमाही में क्या रहा हिंदी फिल्मों का रिपोर्ट कार्ड, कैसा रहा दर्शकों का रिस्पांस, इस रिपोर्ट में सबकुछ डिटेल्स में पढ़ें:

100 करोड़ भी नहीं करवा पाए हिट

एक समय हिंदी सिनेमा में सौ करोड़ रुपये कमाना किसी फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि थी। समय के साथ यह पैमाना भी बदल गया है। सितारों की फीस बढ़ी, फिल्म बनाने का खर्च बढ़ा, पोस्ट प्रोडक्शन की लागत बढ़ी, तो पूरी फिल्म का बजट भी बढ़ गया। इससे एक बड़ी फिल्म बनाने का पूरा बजट ही दो-तीन सौ करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसी फिल्मों का सौ करोड़ रुपये कमाना भी उन्हें हिट की सूची में नहीं ला पा रहा है।

इस साल की पहली छमाही में हिंदी सिनेमा की पांच फिल्मों ‘छावा’, ‘रेड 2’, ‘स्काई फोर्स’ और ‘सिकंदर’ ने सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। जिनमें से सिर्फ ‘छावा’ और ‘रेड 2’ ही हिट फिल्मों की सूची में शामिल हो पाई। इसके अलावा हालीवुड फिल्म ‘मिशन इंपासिबल: द फाइनल’ रेकनिंग ने भारत में 109.36 करोड़ रुपये की कमाई की।

स्टारडम पर कंटेंट भारी

इन छह महीनों में अक्षय कुमार की ‘स्काई फोर्स’, ‘केसरी चैप्टर 2’ और ‘हाउसफुल 5’ तीन फिल्में प्रदर्शित हुई। अजय देवगन की दो फिल्में ‘आजाद’ और ‘रेड 2’ प्रदर्शित हुई। इसके अलावा सलमान खान की ‘सिकंदर’, जॉन अब्राहम की ‘द डिप्लोमैट’ और शाहिद कपूर की ‘देवा’ फिल्में रिलीज हुई। हालांकि, टिकट खिड़की पर स्टारडम का जादू नहीं चल पाया।

‘छावा’ में विक्की के स्टारडम से ज्यादा लोगों को कहानी और छत्रपति संभाजी महाराज से जुड़ी भावनाओं ने टिकट खिड़की की तरफ खींचा। वहीं हालिया प्रदर्शित आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ शुक्रवार तक 88 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। यहां भी आमिर के स्टारडम से ज्यादा फिल्म के विषय और कहानी की चर्चा है। जिससे फिल्मकारों को एक नई उम्मीद दिखी कि सिर्फ एक्शन और लार्जर दैन लाइफ कहानियां ही नहीं, बड़े पर्दे पर अच्छी भावनात्मक कहानियां भी चल सकती है।

नकारे गए नवोदित कलाकार

पहली छमाही में एक तरफ जहां स्थापित सितारे टिकट खिड़की पर संघर्ष करते नजर आए, वहीं उससे बने मौके को नवोदित कलाकार भी भुनाने में असफल दिखे। नवोदित कलाकारों को केंद्र में रखकर बीते छह महीनों में ‘आजाद’, ‘लवयापा’, ‘बॉबी और ऋषि की लव स्टोरी’, ‘पिंटू की पप्पी’ और ‘रोमियो एस 3’ फिल्में प्रदर्शित हुई। इन फिल्मों के माध्यम से राशा थडानी, अमन देवगन, खुशी कपूर, जुनैद खान, कावेरी कपूर और वर्धन पुरी जैसे स्टार किड्स ने एक्टिंग में किस्मत आजमाई।

वहीं सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान की पहली फिल्म ‘नादानियां’ डिजिटल प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर प्रदर्शित हुई, जिसमें उनकी काफी आलोचना भी हुई। इंटरनेट मीडिया पर लाखों फालोअर्स वाले इन स्टारकिड्स में से कोई भी टिकट खिड़की पर दर्शकों की भीड़ इकट्ठा करने में सफल नहीं दिखा।

इंतजार में पैन इंडिया

पैन इंडिया फिल्मों के चलन को आगे बढ़ाते हुए पिछले साल ‘हनुमैन’, ‘कल्कि : 2898 एडी’ और ‘पुष्पा 2’ जैसी फिल्मों ने टिकट खिड़की पर खूब धमाल मचाया था। इस साल की पहली छमाही में ‘गेम चेंजर’, ‘डाकू महाराज’, ‘एल2ई : एम्पुरान’ और ‘ठग लाइफ’ जैसी बड़ी फिल्में पैन इंडिया स्तर पर प्रदर्शित हुई। जिनमें राम चरण, पृथ्वीराज सुकुमारन और कमल हासन जैसे बड़े सितारों की उपस्थिति देखी गई। हालांकि, इनमें से कोई भी फिल्म पैन इंडिया स्तर पर हिट नहीं हो पाई। इस साल पहली पैन इंडिया हिट फिल्म की तलाश अभी जारी है।

डिजिटल ने बटोरी चर्चा

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित हुई अलग-अलग और प्रयोगात्मक विषयों पर आधारित फिल्में हर साल अपनी कहानी और निर्माण शैली के कारण बड़ी चर्चा का केंद्र बनती है। इस साल की पहली छमाही में ‘हिसाब बराबर’, ‘द स्टोरीटेलर’, ‘मिसेज’, ‘धूम धाम’, ‘कौशलजीज वर्सेज कौशल’, ‘दिल दोस्ती और डॉग्स’, ‘नादानियां’, ‘बी हैप्पी’, ‘छोरी 2’, ‘लागआउट’, ‘ज्वेल थीफ : द हीस्ट बिगिंस’, ‘कोस्टाओ’, ‘स्टोलेन’, ‘डिटेक्टिव शेरदिल’ फिल्में डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रदर्शित हुई।

इनमें सफलता और असफलता का अनुपात मिलाजुला रहा। इनमें से ‘मिसेज’ , ‘कौशलजीज वर्सेज कौशल’, ‘बी हैप्पी’और ‘स्टोलेन’ फिल्मों ने काफी चर्चा बटोरी।

धीमी चली हालीवुड की हवा

इस साल की पहली छमाही में टिकट खिड़की पर भारत में हालीवुड फिल्मों का हाल भी ठंडा दिख रहा है। फिल्म ‘मिशन इंपॉसिबल : द फाइनल रेकनिंग’ को छोड़कर कोई भी फिल्म सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। फिल्म ‘फाइनल डेस्टिनेशन: ब्लडलाइंस’ ने भी भारत में 61.72 करोड़ रुपये की कमाई की। ‘कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड’, ‘ब्लैक बैग’, ‘सिनर्स’, ‘कराटे किड लीजेंड्स’ और ‘हाऊ टू ट्रेन योर ड्रैगन’ जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्में टिकट खिड़की पर कुछ खास नहीं कर पाईं।

छाया छावा का शौर्य

फरवरी में प्रदर्शित हुई विक्की कौशल अभिनीत छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘छावा’ अब तक इस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। ‘छावा’ के सीन और डायलाग पर लोगों ने सिनेमाघरों में खूब तालियां, सीटियां और जयघोष के नारे लगाए। फिल्म ने टिकट खिड़की पर कमाई के मामले में भी कई रिकॉर्ड बनाए।

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