इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और अनुदेशकों की नियुक्ति पर लगी रोक को हटाते हुए 77, 804 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है. हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के उस अदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें 45,782 पद पर शिक्षकों और 32,002 पद पर अनुदेशकों की भर्ती पर रोक लगाई थी.

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की दो अहम शिक्षक भर्ती पर रोक हटाते हुए कोर्ट ने इसे दो महीने में पूरा करने का निर्देश दिया है.
प्रदेश सरकार ने 29334 गणित-विज्ञानं के सहायक अध्यापकों और 16448 प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती पर 23 मार्च 2017 को रोक लगा दी थी. कोर्ट ने यह आदेश रद्द कर दिया है.
नीरज कुमार पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे जस्टिस पीकेएस बघेल ने यह आदेश दिया.याची के अधिवक्ता सीमान्त सिंह के मुताबिक उच्च प्राथमिक स्कूलों में गणित-विज्ञानं के 29334 सहायक अध्यापक भर्ती का शासनादेश 11 जुलाई 2013 को जरी हुआ था.नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी और काउंसलिंग के बाद भी हजारों पद रिक्त रह गए. सरकार ने 30 दिसम्बर 2016 को आदेश जारी कर बचे हुए पदों पर काउंसलिंग कर नियुक्ति का आदेश जरी किया.

इस बीच सरकार बदल गई और योगी सरकार ने 23 मार्च 2017 को नियुक्तियों पर रोक लगा दी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकार ने भर्ती रोकने के पीछे की वजह को नहीं बताया है.
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