नहीं रहे पूर्व शिक्षा मंत्री कालीचरण यादव
गाजीपुर। प्रदेश की शिक्षा को गतिशील बनाने वाले पूर्व शिक्षामंत्री कालीचरण यादव 84 वर्ष का लम्बी बीमारी के बाद रविवार की देर रात लगभग दो बजे वाराणसी में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से जिले में शोक की लहर दौड़ गयी।

सादात ब्लाक के मिर्जापुर गांव के किसान परिवार में जन्में कालीचरण यादव निरंतर संघर्षों का सामना करते हुए राजनीतिक और सामाजिक जीवन में उच्च शिखर को प्राप्त किया था। पूर्व शिक्षामंत्री कालीचरण यादव ने मुख्यमन्त्री रामनरेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में शिक्षा के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के लिए अनेकों शिक्षण संस्थान और राजकीय पालीटेक्निक कालेज स्थापित कराने के साथ ही सड़क और पुल बनवाकर इन्हें जनता को समर्पित किया था। शिक्षक के रुप मे कालीचरण यादव वर्ष 1953-54 में जूनियर हाईस्कूल डढ़वल में प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्त हुए। लगभग एक वर्ष तक यह जिम्मेदारी निभाने के बाद वह बापू इंटर कालेज सादात में सहायक अध्यापक के पद पर 1969 तक कार्यरत रहे। वहां से हटने के बाद उन्होंने सादात के वरिष्ठ व्यवसायी स्वर्गीय रामेश्वर दास एवं स्व. गोपालदास गुप्ता के सहयोग से सादात मे श्री महंत शिवदास उदासीन इंटर कालेज की नींव रखी।अपने कार्य काल मे उन्होंने नोनहरा, पलिया, भाला, डिलिया, रुहीपुर आदि स्थानों पर नवीन हाईस्कूल की मान्यता दिलाई। सैदपुर और नारी पंचदेवरा में जीजीआइसी खुलवाने के साथ ही 11 बालिका इंटर कालेज खुलवाया था। लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डा. राममनोहर लोहिया के अनुयायी रहे कालीचरण को पूर्व प्रधानमन्त्री चौधरी चरण सिंह और चंद्रशेखर सिंह के साथ रहने का भी भरपूर मौक़ा मिला था। सन् 1974 में वह बीकेडी के झंडे तले चुनाव लड़कर पहली बार तत्कालीन सादात विधानसभा से विधायक बने। दोबारा वर्ष 1977 में भी विधायक चुने गए और राम नरेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में वह शिक्षा मंत्री के रूप में पदासीन रहे। अपनी ईमानदार छवि और उच्च व्यक्तित्व का सबूत पेश करते हुए उन्होंने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
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