BRIJENDRA BAHADUR MAURYA
म्यांमार में हुआ राज्यपाल नाईक का सम्मान, नाईक ने रक्षाबंधन की बधाई

लखनऊ। राज्यपाल राम नाईक ने म्यांमार स्थित बहादुर शाह जफर की दरगाह में रविवार को पुष्प चढ़ाकर अपनी एवं देश की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। अंग्रेजी हुकुमत ने बहादुर शाह जफर को देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में सैनिकों का नेतृत्व करने के कारण मुल्क बदर कर रंगून की जेल में कैद कर दिया था। रंगून जेल में ही 7 नवम्बर 1862 को बहादुर शाह जफर की मृत्यु हो गई थी।
राज्यपाल ने कहा कि 1857 में देश की आजादी के लिए बिगुल फूंकने के कारण ही बाद में 1947 में देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने इसे हुकूमत के खिलाफ बगावत बताया था पर स्वातंत्र्य वीर सावरकर ने पहला स्वतंत्रता समर कह कर देश सामने सही बात रखी।
इसी क्रम में आल इण्डिया म्यांमार सेन्ट्रल काउंसिल, आल म्यांमार इण्डियन बिजिनेस चैम्बर और संस्था भामा शाह शाखा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल श्री राम नाईक को अंग वस्त्र, पुस्तक व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। श्री नाईक ने सभी का अभिवादन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए तथा अपनी पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ की हिन्दी एवं अंग्रेजी प्रति भेंट की। कार्यक्रम में बनवारी लाल गोयनका व संस्था के अध्यक्ष राम निवास केडिया ने स्वागत उद्बोधन दिया।
राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजु आज म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास के राजदूत विक्रम मिस्री के आवास पर उनके सम्मान में आयोजित भोज में सम्मिलित हुए। इससे पूर्व कल रात्रि राम नाईक के सम्मान में म्यांमार की सरकार की ओर से सम्मान भोज का आयोजन किया गया था जिसमें म्यांमार सरकार के वरिष्ठ मंत्री व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राम नाईक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘संवाद-II’ में प्रतिभाग करने हेतु म्यांमार दौरे पर है। राज्यपाल नाईक ने आज सम्मेलन ‘संवाद-II’ के समापन सत्र में भी प्रतिभाग किया। सम्मेलन के मंच पर स्वामी अवधेशानन्द एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल राम नाईक को रूद्राक्ष की माला पहनाकर सम्मानित किया। सम्मेलन ‘संवाद-II’ को आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं भारत के केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजु ने भी सम्बोधित किया।
राज्यपाल ने रक्षाबंधन पर्व पर बधाई दी
राम नाईक ने रक्षाबंधन पर्व एवं श्रावणी पूर्णिमा पर मनाये जाने वाले संस्कृत दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए सभी के सुखी जीवन की कामना की है।
राज्यपाल ने म्यांमार से भेजे अपने बधाई सन्देश में कहा है कि रक्षाबंधन का पर्व परस्पर प्रेम को बढ़ाने और महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पर्व देश की सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों को ’रक्षासूत्र’ के इस मानवीय पर्व की मर्यादा को बनाए रखने की शपथ लेनी होगी|
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