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आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड की आज लखनऊ में आपात बैठक थी। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में 51 में से 19 लोग ही पहुंचे थे। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक पर लाये जा रहे बिल का विरोध किया है। बोर्ड ने इस बिल को मुस्लिम महिलाओं की परेशानियां बढ़ाने वाला बताया है।

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक पर लाये जा रहे बिल का विरोध किया है। बिल को मुस्लिम महिलाओं की परेशानियां बढ़ाने वाला, मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप और शरीयत के खिलाफ बताया है। बोर्ड ने कहा कि पहले से मौजूद कानून काफी थे। बोर्ड ने बिल को सुप्रीम कोर्ट के दिए फैसले की भावना के खिलाफ बताया। बोर्ड ने कहा कि बिल मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है। शरीयत के खिलाफ है और मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप है। बोर्ड ने बिल को ड्राफ्ट करते समय मुस्लिम पक्ष को शामिल ना करने पर सवाल उठाया। इसके साथ ही कहा कि बिल को ड्राफ्ट करते समय मुस्लिम महिलाओं के लिए काम करने वालों से भी बात नहीं की गई। बोर्ड ने इसे लेकर भी सवाल उठाए।
बोर्ड की तरफ से खलीलुल रहमान सज्जाद नौमानी ने कहा कि इस बिल को तैयार करने में कोई भी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इस स्टैंड से अध्यक्ष जल्द ही प्रधानमंत्री को अवगत कराएंगे और उनसे दरख्वास्त करेंगे कि इस बिल को वापस लिया जाए।
तीन तलाक कानून पर चर्चा के लिए आज लखनऊ में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने नदवा कॉलेज में आपात बैठक बुलाई। इस बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी ने की। वहीं बोर्ड के महासचिव मौलना सईद मोहद वली रहमानी, सेक्रेटरी मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, ख़लीलुल रहमान सज्जाद नौमानी, मौलाना फजलुर रहीम, मौलाना सलमान हुसैनी नदवी भी बैठक में उपस्थित रहे। आपात बैठक में वर्किंग कमेटी के 51 सदस्यों को बुलाया गया। जिसमें से 19 लोग पहुंचे थे। बैठक में एमआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी भी पहुंचे थे।





