Sunday, April 26, 2026
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 सामुदायिक अस्पताल की एनएम दवा दुकानदार को चप्पल दिखा कर मारने की दी धमकी

अवधनामा संवाददाता 

कमीशन नहीं मिला तो दुकानदार पर चप्पल से हमलावर हो गयी एएनएम 
गोसाईगंज- अयोध्या(Gosaiganj Ayodhya)। स्थानीय नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक महिला आई थी.दिखाने। जो महिला डॉक्टर ना होने पर महिला मरीज को एएनएम बंदना पांडेय ने देखकर दवा लिखा। एनएम वंदना पांडे पीड़ित मरीज के संबंधी को बाहर से दवा लाने का एक पर्चा लिखा और संबंधित से कहा बाजार से यह दवा ले आओ इसमें कुछ दवा लिखे थे। कहा कि बाजार से यह दवा ले आओ दवा लेने मरीज अस्पताल के बाहर पहुंचा तो चंद्रा मेडिकल स्टोर पर ₹500 में दवा लिया था। एनम के पास दवा लेकर पहुंचा तो एन एम ने दवा लिया तो कहीं यह चंद्रा मेडिकल स्टोर से तो नहीं लिए है। मरीज ने कहा हां मैडम चंद्र मेडिकल स्टोर से लिया है एनम ने कहा की दवा वापस कर आओ मरीज के संबंधी दवा वापसी करने दुकान पर पहुंचकर कहां की दवा वापस कर लो डॉक्टर ने कहा है तो दुकानदार ने कहा कि जो दवा नर्स ने लिखा है हमने वही दवा को दिया है। मरीज के भाई ने नर्स से कहा कि दवा वापस नहीं कर रहे हैं। जो दवा नर्स ने लिखा है वही दवा दिया हूं इतना सुनते ही गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स वंदना पांडे चंद्रा मेडिकल स्टोर पर पहुंची और दुकानदार मालिक 65 वर्षीय गोपीचंद गुप्ता को मर्दाना गाली देते हुए अपने पैर से चप्पल निकालकर कहां की दुकान के बाहर आओ चप्पल से तेरी पटाई करुगी। तुमने दवा क्यों दिया दुकानदार ने कहा अगर मेरे दुकान पर पर्चा लेकर नहीं आया होता तो मैं इसको दवा नहीं देता। हमें क्या पता आपने जो लिखा हमने वही दवा को दिया हूं हां वापस करने की बात है लाइए मैं वापस कर दूंगा अगर आपको कुछ दिक्कत है तो लेकिन मामला कुछ और था। इन नर्सों का सेटिंग होता है जहां कमीशन मिलता है। उसी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को कहा जाता है।
मरीज को जो दवा एन एम बंदना पांडेय ने लिखा था वह दवा अस्पताल के सामने किसी किसी भी मेडिकल पर सेटिंग रहता है अगर यह दवा किसी मेडिकल से लिया जाता तो वहां पर यही दवा ₹550 में मिलता जिसमें ₹50 एन एम का फायदा होता  लिखा था दुकानदार गोपी चंद गुप्ता ने उसी कंपनी की दवा ₹500 में दिया था। लेकिन वही मरीज अगर नर्स के बताएं मेडिकल स्टोर से लेता  तो ₹550 में वही दवा मिलता जहां पर नर्स का सेटिंग है संजोग बस मरीज के दवा चंद्र मेडिकल स्टोर से ले लिया ₹500 में फिलहाल मरीज का तो ₹50 बच गया लेकिन एन एम बंदना पांडे का कमीशन नहीं बना। इसी चक्कर में यह सारा बवाल बंदना पांडेय दुकानदार चंद्रा मेडिकल के दुकान पर पहुंची और 65 वर्षीय दुकानदार को अपना चप्पल निकालकर ललकार रही हैं बाहर आओ अभी चप्पल से मारने की धमकी दी और कहा कि हमारे पति आएंगे तुम्हारा वह दुर्दशा होगा कि तुुम अपने आपको पहचान नहीं पाओगे दुकानदार बहुत शर्मिंदा हुआ उसने कहा कि हमें नहीं पता था इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा होगा आप हमें हमारा दवा दीजिए मैं पैसा वापस कर दे रहा हूं इसके बाद भी एनम बंदना पांडेय ने दुकानदार को गालियां देती रही जो एक सरकारी अस्पताल मैं एन एम के पद पर कार्य कर रही है जहां लोग इन्हें डॉक्टर साहिबा कहती हैं यह पूरा एक महिला डॉक्टर जैसा काम करती हैं जो कि यह दवा नहीं लिख सकती है।
वही लोगों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गया अगल-बगल दुकानदारों के काफी मशक्कत के बाद नर्स वंदना पांडे को समझा-बुझाकर भेजा गया लोगों ने कहा कि आप एक महिला नर्स हैं गाली देना आपको शोभा नहीं देगा आप अस्पताल में जाइए तब वह वापस गई इसके बाद दुकानदार को बहुत शर्मिंदगी हुई दुकानदार ने गोसाईगंज थाने पर एक तहरीर टाउन इंचार्ज सुनील सिंह यादव को दिया सुनील सिंह टाउन इंचार्ज ने कहा कि अगर एनम  वंदना पांडे ने गलत तरीके से व्यवहार या चप्पल निकालकर धमकी दिया होगा तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद पीड़ित दुकानदार ने इसकी शिकायत नगर के समाजसेवी हनुमान सोनी से किया। सोनी ने इसका घोर निंदा किया और कहा कि किसी व्यापारी के साथ सरकारी विभाग का कर्मचारी पहुंचकर इस तरीके से दुकानदार को धमकी और पीटने को कहेगा तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। इस संबंध में एक  शिकायत सीएमओ अयोध्या को लिखित में किया है। वही लोगों से पता किया गया तो पता चला यहां पर कोई महिला डॉक्टर नहीं है इस वजह से यहां पर जो भी गर्भवती महिलाओं का इलाज के लिए आती है या नर्स उनके सगे संबंधी को समझा-बुझाकर डॉक्टरों की तरह पर्चा लिखती है जिसमें इसका कमीशन तय रहता है और मरीजों को काफी महंगी महंगी दमो वाली दवा लिखती है और वह दवा इनके पति द्वारा इनके चिन्हित मेडिकल स्टोर पर दवा सप्लाई किया जाता है उनके पास दवा बेचने की डिग्री नहीं है ना ही कोई फार्म है इनके हस्बैंड सरकारी विद्यालय में अध्यापक है और दवा बेचने का काम करते हैं जोकि बहुत ही गलत है या जानकारी दवा निरीक्षक के संज्ञान में नहीं है यह मोटी रकम कमाने के चक्कर में गलत दवाइयां बेच रहे हैं , गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र 50,000 से ऊपर की आबादी का है यहां पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है यहां पर डिलीवरी केस पर अच्छा रकम वसूल किया जाता है जिसमें एनम बंदना पांडेय के ऊपर इससे पूर्व भी सीबीआई जांच चल रही है।
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