FIITJEE ने 2025 में कुछ केंद्रों पर ऑफलाइन कक्षाएं बंद होने से प्रभावित छात्रों के अभिभावकों को आनुपातिक फीस लौटाने की घोषणा की है। रिफंड प्रक्रिया जून 2026 के अंतिम सप्ताह से दिल्ली स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा शुरू होगी। बाहरी कारणों और अफवाहों के चलते ऑफलाइन कक्षाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं, जिसके बाद संस्थान ने ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी। छात्रों को 15 जून 2026 तक रिफंड की सटीक राशि बताई जाएगी।
देश के प्रमुख आईआईटी-जेईई कोचिंग संस्थान FIITJEE ने 2025 में कुछ केंद्रों पर ऑफलाइन कक्षाएं बंद होने से प्रभावित छात्रों के अभिभावकों को आनुपातिक (प्रोपोर्शनल) फीस लौटाने की घोषणा की है। संस्थान के अनुसार रिफंड प्रक्रिया जून 2026 के अंतिम सप्ताह से शुरू की जाएगी। पूरी प्रक्रिया दिल्ली स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा संचालित की जाएगी, जबकि स्थानीय केंद्र इसमें शामिल नहीं होंगे।
संस्थान के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा अभिभावकों को भेजे गए संदेश में कहा गया है कि बाहरी कारणों और भ्रामक खबरों के चलते प्रतिकूल परिस्थितियां बनीं, जिसके कारण कुछ केंद्रों पर ऑफलाइन कक्षाएं अस्थायी रूप से रोकनी पड़ीं। केंद्रों की बिक्री से जुड़ी अफवाहों ने स्थिति को और जटिल बना दिया था।
हालांकि इन हालात के बीच पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए संस्थान ने तत्काल ऑनलाइन माध्यम अपनाया। FIITJEE eSchool के जरिए छात्रों को जेईई मेन, जेईई एडवांस, बोर्ड परीक्षाओं, ओलंपियाड, एनटीएसई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई गई। संस्थान का दावा है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लिया और उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रही।
संस्थान के अनुसार, 15 जून 2026 तक सभी अभिभावकों को उनके रिफंड की सटीक राशि की सूचना दे दी जाएगी। 16 जून 2026 से एक विशेष ईमेल आईडी भी शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से अभिभावक रिफंड से संबंधित जानकारी या स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकेंगे।
आगे की रणनीति के तहत संस्थान नए सहयोगी मॉडल पर काम करेगा। इस मॉडल में उद्यमियों के साथ मिलकर केंद्र, वर्ल्ड स्कूल्स और ग्लोबल स्कूल्स संचालित किए जाएंगे। संस्थान के मुताबिक पारंपरिक फ्रेंचाइज़ शुल्क की जगह एक तय स्थापना शुल्क और वार्षिक लाइसेंस शुल्क का प्रावधान होगा, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि “2.0” चरण के तहत उसका लक्ष्य पहले से बेहतर और अधिक स्थिर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि प्रत्येक छात्र की क्षमता को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सके।





