जलालपुर, अंबेडकरनगर जलालपुर तहसील क्षेत्र में निजी भूमि पर खड़े बरगद के पेड़ को कथित रूप से काटे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई तथा काटी गई लकड़ी दिलाए जाने की मांग की है।
कोतवाली जलालपुर क्षेत्र के ग्राम गुआपाकड़ निवासी राजेंद्र प्रसाद पुत्र मेवालाल ने उपजिलाधिकारी जलालपुर को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वह मौजा जैनापुर स्थित गाटा संख्या 1522 की भूमि का भूमिधर है। उक्त भूमि आराजी बाग के रूप में दर्ज है, जहां उसका वर्षों पुराना बरगद का पेड़ खड़ा था। आरोप है कि ग्राम जैनापुर निवासी मनोज पुत्र राम सिंगार ने बिना उसकी जानकारी और सहमति के बरगद का पेड़ कटवा दिया।
राजेंद्र प्रसाद के अनुसार वह रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि उनकी भूमि पर स्थित बरगद का पेड़ काट दिया गया है। सूचना मिलने पर जब वह गांव पहुंचे और आरोपित से इस संबंध में जानकारी ली तो उसने पेड़ काटने की अनुमति होने की बात कही। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि उसे किसी प्रकार की अनुमति संबंधी जानकारी नहीं दी गई और न ही पेड़ की लकड़ी उसे सौंपी गई। जब उसने लकड़ी देने की बात कही तो आरोपित ने इनकार कर दिया।
पीड़ित ने मामले को गंभीर बताते हुए उपजिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता को प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की है कि काटी गई लकड़ी उसे दिलाई जाए तथा पेड़ काटने की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन एवं राजस्व संबंधी नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।





