हमीरपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती वंदना अग्रवाल ने बुधवार को जिला कारागार हमीरपुर का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कारागार की स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा प्रबंधन तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने कारागार में संचालित विधिक सहायता डेस्क एवं विधिक सहायता क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों का परीक्षण कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की तथा पात्र बंदियों को समयबद्ध विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं विधिक आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समर इंटर्नशिप कार्यक्रम में शामिल विधि विद्यार्थियों ने भी जिला कारागार का शैक्षिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों को कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली, बंदियों के संवैधानिक अधिकारों, विधिक सहायता तंत्र तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका की जानकारी दी गई। जेल प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा व्यवस्था, पुनर्वास कार्यक्रमों एवं बंदियों के कल्याणार्थ संचालित गतिविधियों से भी अवगत कराया।
श्रीमती वंदना अग्रवाल ने कहा कि न्याय तक समान पहुंच प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और कारागारों में स्थापित विधिक सहायता तंत्र इस अधिकार को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विधि विद्यार्थियों को न्यायिक एवं विधिक व्यवस्था की व्यवहारिक समझ प्रदान करते हैं। निरीक्षण के दौरान डिप्टी एलएडीसी हरनाम सिंह, जेलर प्रभाकांत पाण्डेय, डिप्टी जेलर पवन कुमार सहित कारागार के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





