Friday, March 20, 2026
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HomeLucknowअंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी बजट से लाभ: योगी आदित्यनाथ

अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी बजट से लाभ: योगी आदित्यनाथ

योगी बोले- बजट से सबसे ज्यादा फायदा यूपी को:यहां के 15 करोड़ लोगों को एक साल और मिलेगा मुफ्त राशन; 35 मेडिकल कॉलेज भी मिलेंगे
यूपी को मिलेगी विकास की गति, बजट की तारीफ करते हुए बोले सीएम योगी, कहा- यह किसानों, नौजवानों, गरीबों का बजट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में बजट पर चर्चा करते हुए इसे समावेशी बजट करार दिया। एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री द्वारा पेश किए बजट की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि अमृत काल का यह पहला बजट विकसित भारत की सोच पर आधारित है। यह एक समावेशी बजट है जिसमें समाज के सभी वर्ग शामिल हैं। इस बजट में हर वर्ग के लोगों को मौका दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कालखंड में पिछले 3 वर्ष से लगातार 80 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ अगले एक वर्ष के लिए और बढ़ाने का कार्य हुआ है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बजट से उत्तर प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, नौजवानों और गरीबों का है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने बुधवार को ट्वीट कर बजट की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि कि हर वर्ग की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने वाले बजट का स्वागत है। यह बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग की आशाओं और राष्ट्र के समग्र उत्थान की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। बजट निसंदेह भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बजट ‘नए भारतÓ की समृद्धि का संकल्प व अंत्योदय का विजन है। यह 130 करोड़ देशवासियों की सेवा का लक्ष्य है। यह अमृत काल में प्रस्तुत ‘विकसित भारतÓ के संकल्प को पूर्ण करने वाला है।
आम चुनाव के साल यानी वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार से लगभग 2.95 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसमें से 1.83 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में मिलने की उम्मीद है। वहीं लगभग 93.88 हजार करोड़ रुपये केंद्र से सहायता अनुदान मिलने की संभावना है। लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की रकम 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रम में केंद्र से मिलेगी। विकास की गति बरकरार रही तो अगले वर्ष पुनरीक्षित अनुमानों में केंद्र से मिलने वाली रकम तीन लाख करोड़ के पार जा सकती है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में उप्र को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 1,83,237.59 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। यह चालू वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में 13,492.29 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले बजट अनुमान की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष में भी उप्र को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर अब 23,246.54 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे।
हायर एजुकेशन के लिए हम बच्चों को टैबलेट और स्मार्टफोन दे रहे
छात्रों लिए डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। हायर एजुकेशन से जुड़े हुए कामों में हम बच्चों को टैबलेट और स्मार्टफोन दे रहे हैं। आईटी सर्विस को डेवलप करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज और लैब को बना रहे हैं।
सबसे बड़ा इन्फ्र ास्ट्रक्चर यूपी में तैयार हुआ
ईवे में बड़ा इन्फ्र ास्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है। सबसे ज्यादा फायदा यूपी को होने जा रहा है। यूपी में सबसे ज्यादा इन्फ्र ास्ट्रक्चर पर काम हुए हैं। यूपी के लिए ये संभावनाओं वाला बजट है। कैसे हम ग्रीन एनर्जी की तरफ जा सकते हैं। हमें डेवलपमेंट का ऐसा एक मॉडल देना है। फील्ड कोई भी हो सकती है, चाहे वो खेती-किसानी हो या इंडस्ट्री हो। प्रावधान बजट में हुए हैं। भारत में सर्वाधिक यूथ है, तो सबसे ज्यादा यूथ यूपी में हैं। उन्हें आर्थिक तकनीक से जोडऩे के लिए नए प्रयास होने हैं। सप्त ऋषि के रूप में केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण निर्मला ने रखा है।
बजट में ईज ऑफ लिविंग पर जोर दिया गया
जब भारत शताब्दी वर्ष माना रहा होगा। तब हर भारत वासी गर्व से कहेगा कि मैं भारत का नागरिक हूं। बजट में ईज़ ऑफ लिविंग पर जोर दिया गया है। भारत की आर्थिक विकास दर को 7त्न तक पहुंचने पर जोर दिया गया है। विगत 9 वर्षों की गति को देखे तो भारत की पर पर्सनल इनकम बहुत तेजी से बढ़ी है।
यूपी में 45 लाख लोगों प्रधानमंत्री आवास का फायदा मिला
आज भारत विश्व की 5 बड़ी अर्थ व्यवस्था में से एक है। देश में 15 करोड़ लोग प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े हैं। यूपी में लगभग 45 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास का फायदा मिला है। इस बजट से उम्मीद है कि यूपी के बाकी लोगों को भी आवास योजना का फायदा मिलेगा।
हम 35 मेडिकल कॉलेज पर काम कर रहे हैं
पिछले बजट में यूपी को लगभग 28 मेडिकल कॉलेज मिले थे। इस बजट के बाद और भी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मदद मिलेगी। इससे नर्सिंग और पैरामेडिकल के छात्रों को फायदा मिलने वाला है। वर्तमान में राज्य सरकार के प्रयास से हम करीब 35 मेडिकल कॉलेज पर काम कर रहे हैं। मत्स्य, दुग्ध और खाद्य उत्पादन में प्रदेश नंबर 1 पर है। इन्हीं सब भावनाओं को बढ़ाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। कृषि क्षेत्र में बहुत सारी संभावनाओं को आगे

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