पंचायत सचिव उदय प्रताप गौतम व ग्राम प्रधान गीता की उदासीनता से ग्रामीणों को नही मिल पा रहा सुविधाओं का लाभ, कागजों में हो रहा विकास
बढ़नी सिद्धार्थनगर। विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के कई गांवों में ‘ग्राम स्वराज’ का सपना फिलहाल पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ग्राम स्वराज के लिए जरूरी ग्राम सचिवालयों की स्थिति काफी खराब है। ज्यादातर गांवों में पंचायत भवनों का उपयोग पंचायतों के लिए नहीं हो रहा है। कहीं ग्रामीण अवैध कब्जा कर रह रहे हैं तो कहीं कंडा पाथा जा रहा है तो कहीं पशुओं का तबेला बने हैं।
ग्राम स्वराज का सपना देखे भले ही कई दशक बीत गया हो, लेकिन यह सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मौजूदा समय में हालत यह है कि न तो हर गांवों में पंचायत सचिव हैं और न ही सचिवालय। पंचायतों की बैठक कागजों में हो जाती है ,जो भवन बने भी हैं वह जर्जर हो गए हैं तो कई पर अवैध कब्जा है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ताल कुंडा की बात करें तो यहां के पंचायत भवन पर कुछ बाहरी लोग मेहनत मजदूरी करने वाले अपना गैस सिलेंडर चूल्हा बर्तन रखकर आवास के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
पंचायत भवन में सुविधाओं का अभाव एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ‘ग्राम स्वराज’ का सपना प्रभावित हो रहा है। ताल कुंडा पंचायत भवन काफी जर्जर अवस्था में है टाइल्स उखड़ चुका है। सुविधा के नाम पर कंप्यूटर, लैपटॉप, कुर्सी मेज इनवार्टर बैट्री कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। पंचायत भवन की स्थिति काफी खराब है। जबकि पंचायत सहायक सुरेंद्र कुमार निषाद की नियुक्ति कर हर माह भुगतान भी किया जा रहा है। फिर भी सुविधाएं नदारद है और पंचायत भवन ग्रामीण जनता के काम नहीं आ पा रहा हैं।
वहीं कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लाखों रुपये की लागत से बने पंचायत भवन सुविधाजनक नहीं और खंडहर में तब्दील हो गए है। पंचायत भवन निर्माण कागजों में पूर्ण दिखाया गया है, लेकिन वहां शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं अधूरी या नदारद हैं। जिसमें प्रशासनिक उदासीनता को दर्शा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से पंचायत भवन की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।





