ग्रामीण स्तर पर रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी देने का है प्रावधान- प्रभारी मंत्री
सिद्धार्थनगर। नरेंद्र मोदी की सरकार ने जो विकसित भारत जी राम जी बिल संसद में पेश कर कानून बनाया है, वह देश के मजदूरों व मजदूरी के इतिहास में मिल का पत्थर साबित होगा। यह कानून ग्रामीण क्षेत्र के रुके हुए विकास को आगे बढ़ने का कार्य करेगा। विश्व में भारत दूसरा ऐसा देश है कि जो इतने बड़े पैमाने पर इस तरह का कानून बनाकर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार देने का कार्य कर रहा है। बहुत जल्द ही श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने का कार्य हमारे भाजपा सरकार करेगी।
उक्त बातें मंत्री श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग/ जिला प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहीं। वह सोमवार को मुख्यालय स्थित जिला भाजपा कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि भाजपा की सरकार से पहले मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार दिया जाता था, पर अब यह कानून बनने से 125 दिन रोजगार देने की गारंटी दी जा रही है। अब एक सप्ताह में ही मजदूरी देने का प्रावधान है, यदि किसी कारणवश 15 दिन तक मजदूरी न मिले तो ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा।
कृषि कार्य के दौरान जी राम जी में काम करने वाले श्रमिकों को रोका नहीं जाएगा, जिससे उनकी खेती किसानी का कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार नहीं मिलने पर सरकार बेरोजगारी भत्ता भी देने का प्रावधान मनाया है। विपक्षी दलों द्वारा जी राम जी को लेकर जो जनता को गुमराह किया जा रहा है उसके लिए पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता गांव गांव जाकर प्रतिपक्ष को बेनिकब करने का अभियान चलाएंगे। जो श्रमिक हैं वह दिल खोलकर इस अधिनियम का स्वागत कर रहे हैं। भ्रष्टाचार रोकने के लिए इस अधिनियम में प्रावधान किया गया है, अब फर्जी बिल का भुगतान नहीं कर सकते हैं।
इस अवसर पर विधायक बांसी जय प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा कन्हैया पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र सिंह, जिला मिडिया प्रभारी निशांत पाण्डेय, विजय चतुर्वेदी, अजय उपाध्याय, फतेह बहादुर सिंह आदि उपस्थित रहे।





