Sunday, April 5, 2026
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बैदौली गांव के सीवान में लगीं आग का तांडव पहुंचा नडौरा गांव तक

शोहरतगढ सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ विकास क्षेत्र के लुचुइया ग्राम पंचायत के टोला बैदौली गांव के सिवान में शनिवार को दिन में करीब तीन बजे गेहूं की डंठल में आग लग गयी पछुआ हवा के चलते आग नडौरा गांव में पहुंच गयी, जिससे गांव में अफरा तफरी का माहौल हो गया।आग का तांडव देख आस पास के गांवो के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और आग बुझाने में जुट गए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैदौली गांव के सिवान में भूसा बनानें वाली मशीन गेहूं के डंठल से भूसा बना रहा था। जिससे अचानक भूसा बनानें वाली मशीन (ट्राली) में आग लग गयी। देखते ही देखते आग गेहूं के डंठल में लग गया। तेज पछुआ हवा के कारण आग बिकराल रुप ले लिया और सैकड़ों बीघा के सीवान कों जलाते हुए नडौरा गांव में पहुंच गया। जिससे गांव के बूड़े, बच्चे, नौजवान और महिलाएं सभी आग बुझाने में लग गए। गांवों के किनारे लगे सभी बोरिंगों पर पम्प सेट मशीन लगा कर आग को काबू में किया गया।आग की सूचना पर शोहरतगढ तहसीलदार, हल्का लेखपाल सुरेन्द्र भारती, शोहरतगढ थानाध्यक्ष विन्देश्वरी मणि त्रिपाठी मय फोर्स व प्रधान संघ जिलाध्यक्ष डा0 पवन मिश्र, संजय मिश्रा घटना स्थल पर पहुंच कर आग बुझाने में सहयोग करने लगे।आग का बिकराल रुप देख कर आस पास के हजारों लोग गांव में पहुंच कर आग बुझाने लगें, जिससे गांवों को जलने से साफ-साफ बचा लिया गया।

नडौरा गांव के नरेन्द्र मिश्रा का कटा हुआ गेहूं गांव के पास चन्द्रभान नाऊ के घर के पास रखा था, वो जल कर राख हो गया। रामलाल, श्याम लाल नाऊ का तीन ट्राली भूसा व थोड़ा सा असर्फी के घर का छप्पर जल गया।गरीमत था कि एक दिन पहले बैदौली और नडौरा के सिवान में किसानों की गेहूं की फसल की कटाई हो गयी थी। जिससे सिवान में केवल डंठल ही जला।आग बुझाने तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंची थी ।लेकिन शोहरतगढ नगर पंचायत की टैंकर समय से पहुंच कर आग बुझाने में जुटी रही। पुलिस के 112 नंबर की गाड़ी के साथ शोहरतगढ थाना के सिपाही दिनेश यादव, देश दीपक सिंह, प्रभाकर यादव, दीपक गौड़ आदि लोगों के साथ विनोद उपाध्याय, विवेक उपाध्याय, राकेश उपाध्याय, सतेन्द्र उपाध्याय, रामदेव यादव, चन्द्रभान, रामलाल, श्यामलाल, मगरु, थारु, धर्मेन्द्र उपाध्याय, शिवम, शुभम आदि लोगों के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

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