Monday, March 9, 2026
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मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों का किया औचक निरीक्षण

उरई (जालौन)। मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न प्रशासनिक पटलों का औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त ने भूलेख अनुभाग, संग्रह अनुभाग, नजारत अनुभाग, शस्त्र अनुभाग, अभिलेखागार, माल फौजदारी अनुभाग, आपदा नियंत्रण कक्ष सहित अन्य कार्यालयों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने अभिलेखों के संधारण, पत्रावलियों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों की स्थिति तथा उनके निस्तारण की प्रगति का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों को अद्यावधिक रखते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। इस दौरान कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं, जीपीएफ अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी अवलोकन किया गया।

नजारत अनुभाग के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने रजिस्टर संख्या-4 में दर्ज बकाया धनराशि का शीघ्र निस्तारण करने तथा अग्रिम दी गई धनराशि का समय से समायोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शस्त्र अनुभाग में निरीक्षण के दौरान उन्होंने शस्त्र लिपिक को निर्देशित किया कि ऐसे सभी लाइसेंस धारकों की सूची तैयार की जाए जिन्होंने निर्धारित समयावधि में अपने शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे सभी लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शस्त्रागार का भी निरीक्षण करते हुए रजिस्टरों का अवलोकन किया तथा शस्त्रागार भवन की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

इस दौरान कर्मियों की पासबुक में फोटो चस्पा न पाए जाने पर मंडलायुक्त ने तत्काल फोटो चस्पा कराने के निर्देश दिए। साथ ही आतिशबाजी लाइसेंसों के अलग-अलग तिथियों पर नवीनीकरण होने पर उन्होंने निर्देशित किया कि इन्हें कैलेंडर वाइज नवीनीकरण प्रणाली से संचालित किया जाए तथा समयावधि में नवीनीकरण न कराने वाले लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किया जाए। भूलेख अनुभाग के निरीक्षण में लेखपाल एवं चैनमैन से संबंधित तीन प्रकरण लंबित पाए गए, जिस पर मंडलायुक्त ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए। इसके बाद मंडलायुक्त ने न्यायालय का निरीक्षण करते हुए एक से तीन वर्ष पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान वहां लगाए गए परगना वाइज बोर्ड को देखकर मंडलायुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे मंडल के अन्य जनपदों में भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदोबस्त नक्शे की पक्की नकल समयावधि में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अभिलेखागार से विभिन्न न्यायालयों द्वारा मांगी गई पत्रावलियां समय से भेजी जाएं। विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए समयबद्ध प्रेषण सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने पाया कि कई मामलों में ऑनलाइन शिकायतों को स्पेशल क्लोज कर दिया जाता है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण शिकायतकर्ता के प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर किया जाए और किसी भी स्थिति में स्पेशल क्लोज न किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो विभाग ई-ऑफिस प्रणाली से कार्य नहीं कर रहे हैं, ऐसे विभागाध्यक्षों का वेतन आहरित न किया जाए और सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। आपदा नियंत्रण केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि मुख्यालय स्तर पर 1070 हेल्पलाइन के माध्यम से तथा जनपद स्तर पर ऑफलाइन माध्यम से आपदा संबंधी सूचनाएं प्राप्त होती हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि 1076 से प्राप्त आवेदनों को ई-ऑफिस से मैपिंग कर संबंधित तहसीलों को भेजा जाए, जिससे शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव हो सके। उन्होंने आपदा नियंत्रण कक्ष में कार्यरत कार्मिकों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिए जाने के भी निर्देश दिए, ताकि आपदा की स्थिति में बेहतर कार्य लिया जा सके।

उन्होंने नागरिक सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि नए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के चयन/मनोनयन हेतु प्राप्त आवेदनों के आवेदकों के मोबाइल नंबर एकत्र कर ब्रॉडकास्ट मैसेज की व्यवस्था की जाए, ताकि सभी आवेदकों को एक साथ आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जा सके। निरीक्षण के अंत में मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्वच्छता व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रसन्नता जाहिर की। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र यादव, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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