अम्बेडकरनगर विकास खंड बसखारी के ग्राम पंचायत अजमेरी बादशादपुर में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि गोल्ड ब्रिक फील्ड (ईंट भट्ठा) की जीएसटी बंद होने के बावजूद भुगतान किया गया, वहीं कई बिलों पर हस्ताक्षर, मोहर और तिथि के बिना ही ऑनलाइन भुगतान कर दिया गया। यही नहीं, इसी प्रकार के बिल अन्य ग्राम पंचायतों में भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड पाए गए हैं, जहाँ पूर्व में सचिव के रूप में एकता यादव तैनात रही हैं।
बताया जा रहा है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के बिल बाउचर अपलोड कर भुगतान किया गया, जिन पर न तो ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर हैं, न ही संबंधित फर्म या भट्ठे की मोहर अथवा तिथि अंकित है। इस तरह की गंभीर लापरवाही सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका को जन्म देती है।
इस मामले को लेकर जब लगातार सवाल उठाए गए और खबरें अख़बारों व सोशल मीडिया पर प्रकाशित हुईं, तब जाकर विभाग हरकत में आया। हालांकि आरोप है कि शुरुआती दौर में अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी और केवल *पत्राचार* के माध्यम से औपचारिकता निभाई जाती रही, जिससे संबंधित लोगों के हौसले बुलंद होते रहे।
सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव एकता यादव को विभाग की ओर से स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद अब विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
यह मामला न केवल पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा करता है। फिलहाल विभागीय जांच की प्रक्रिया चल रही है और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है या मामला लीपापोती की भेंट चढ़ जाता है।





