बाल कल्याण समिति के निर्णय पर एसएनसीयू से रवाना
चिकित्सकों व चाइल्ड लाइन टीम की रही अहम भूमिका
सिद्धार्थनगर। बीते 10 जनवरी को जिले के बर्डपुर नंबर-तीन टोला उत्तर महुलौर के सिवान में मिला अज्ञात नवजात अब सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ चुका है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चाइल्ड लाइन के समन्वित प्रयास से नवजात को दत्तक ग्रहण इकाई गोंडा भेज दिया गया है, जहां अब उसका पालन-पोषण और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
नवजात के मिलने के बाद तत्काल चाइल्ड लाइन की ओर से उसे माधव प्रसाद त्रिपाठी से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में नवजात का समुचित इलाज और देखभाल की गई। स्वास्थ्य में सुधार के बाद शनिवार को बाल कल्याण समिति की बैठक में पूरे मामले पर विचार-विमर्श किया गया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अर्पणा श्रीवास्तव समेत सदस्य वीरेंद्र मिश्र, राधा श्रीवास्तव और प्रकाशनी श्रीवास्तव ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि नवजात के सर्वोत्तम हित में उसे दत्तक ग्रहण इकाई भेजा जाए, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, उचित देखभाल और बेहतर भविष्य मिल सके।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके झा के निर्देशन में मेडिकल कॉलेज में पूरी प्रक्रिया को विधिवत पूरा किया गया। बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता चौधरी की अगुवाई में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. फुरकान अहमद समेत नर्सिंग ऑफिसर श्रीश श्रीवास्तव, घनश्याम गुप्ता और मधुबाला मैसी की मौजूदगी में चाइल्ड लाइन के परियोजना समन्वयक सुनील उपाध्याय और सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर साधना जायसवाल की देखरेख में नवजात को एसएनसीयू वार्ड से गोंडा के लिए सुरक्षित रूप से रवाना किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान नवजात की सेहत और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। अब दत्तक ग्रहण इकाई गोंडा में उसकी परवरिश होगी, जहां उसे स्नेह, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद मिलेगी।





