सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ जिले के जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा एवं जिला महामंत्री अवधेश कुमार सिंह के नेतृत्व में, प्रांतीय आह्वान पर सांसद जगदंबिका पाल को टेट अनिवार्यता कानून के विरोध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम लागू होने से पूर्व तत्कालीन नियमों एवं मानकों के अनुरूप नियुक्त शिक्षकों पर टेट अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। उस समय की निर्धारित अर्हताओं के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को बाद में बने प्रावधानों के दायरे में लाना उचित नहीं है।
जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कहा कि वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को इस कानून के दायरे में लाना उनके साथ अमानवीय व्यवहार है। सरकार को अपनी संवैधानिक एवं विधायी शक्तियों का उपयोग करते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जिला महामंत्री अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि 1 सितंबर 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों में भय एवं तनाव का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस विषय का शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान निकाला जाए।
अभय प्रताप सिंह मंडल महामंत्री बस्ती ने कहा कि यदि इस पर सरकार सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं करती है तो लाखों शिक्षक परिवार इससे प्रभावित होंगे।
सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस गंभीर विषय को माननीय शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे तथा शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। इस अवसर पर जिला एवं ब्लॉक के पदाधिकारी अतीउल्लाह, वीरेंद्र बहादुर तिवारी, विनोद बजाज, संजीव यादव, इमामुद्दीन, वेद प्रकाश, दिनेश चौधरी, राजकुमार, अरुण तिवारी,पवन कुमार गौड़ आदि मौजूद रहे । इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष गोविंद माधव भी मौजूद रहे। संगठन आपका सदा आभारी रहेगा।





