केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भाजपा की मुहर विवाद पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस मुद्दे पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया, इसे लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ बताया।
केरलम के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भाजपा की मुहर विवाद को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर उन लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया है, जिन्होंने इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे।
दरअसल, यह विवाद उस संचार पत्र से जुड़ा है, जिसे चुनाव आयोग ने केरलम की राजनीतिक पार्टियों को भेजा था और जिस पर कथित तौर पर भाजपा की कार्यालयीय मुहर (सील) लगी हुई थी। इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पुलिस ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर पोस्ट हटाने को कहा।
ऐसी कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि ऐसी कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में इस तरह की घटनाओं पर स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया और आलोचना होती है और जब तक यह मर्यादा के दायरे में है और व्यक्तिगत या मानहानिकारक नहीं है, इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में देखा जाना चाहिए।
विजयन ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की गरिमा बनाए रखना जरूरी है और उसकी कार्यप्रणाली में पूर्ण राजनीतिक निष्पक्षता दिखनी चाहिए।
कांग्रेस ने भी लगाया गंभीर आरोप
केरलम में कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे राहुल गांधी को निशाना बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नजरों में अच्छा बनने की कोशिश कर रहे हैं।
सतीशन ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री पर केंद्रीय एजेंसियों का दबाव है और इसी वजह से वे भाजपा नेताओं के सामने झुक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान त्रिशूर सीट पर अभिनेता-नेता सुरेश गोपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए ईडी का इस्तेमाल कर दबाव बनाया गया।





