स्पाइसजेट को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ₹269.27 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में लाभ था। उच्च एटीएफ कीमतों और रुपये के अवमूल्यन को इसका कारण बताया गया। कंपनी अतिरिक्त आय के लिए पुर्जे बेचेगी। वहीं, जनवरी में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 13% बढ़ी, जबकि दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में क्रमशः 26% और 30% की वृद्धि दर्ज की गई।
स्पाइसजेट को वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। बीएसई को दी जानकारी के अनुसार, एयरलाइन को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 24.97 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय घटकर 1,522.81 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,650.67 करोड़ रुपये थी। एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि एटीएफ की ऊंची कीमत, रुपये के मूल्य में गिरावट और नए श्रम कानूनों के एकमुश्त प्रभाव ने तीसरी तिमाही में एयरलाइन के खर्चों को बढ़ा दिया है।
विज्ञप्ति में कहा गया, “विदेशी मुद्रा और नए श्रम कानूनों के समायोजन के एकमुश्त प्रभाव के बाद वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में शुद्ध घाटा 269 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसी वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह 635 करोड़ रुपये था।” कंपनी ने कहा कि वह अतिरिक्त आय जुटाने के लिए अनावश्यक पुर्जे और उपकरण बेचने की योजना बना रही है।
यात्री वाहनों की थोक बिक्री जनवरी में 13 प्रतिशत बढ़ी : सियाम
घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री जनवरी में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़कर 4,49,616 इकाई हो गई। उद्योग जगत के संगठन सियाम ने शुक्रवार को यह जानकारी। जनवरी 2025 में यह 3,99,386 इकाई रही थी। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने बयान में कहा कि पिछले महीने दोपहिया वाहनों की बिक्री 26 प्रतिशत बढ़कर 19,25,603 इकाई हो गई जबकि पिछले साल जनवरी में यह 15,26,218 इकाई थी। बयान के अनुसार, तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़कर 75,725 इकाई हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 58,167 इकाई रही थी।





