मोबाइल पर कराया गया फॉर्म भरने का अभ्यास
गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में शनिवार को 322 शहर विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) हेतु विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का नेतृत्व निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने किया। उन्होंने मतदाता सूची के अद्यतन कार्य की बारीकियों को विस्तारपूर्वक समझाया और इस बार की प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मोबाइल पर फॉर्म भरने का प्रशिक्षण
ट्रेनिंग की विशेषता यह रही कि बीएलओ को मोबाइल फोन पर मतदाता सूची से जुड़ा हर प्रकार का फॉर्म (फॉर्म 6, 7, 8 एवं 8ए) अपने सामने भरवाया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर हर बूथ स्तर पर सटीक कार्य कर सकें। मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को त्रुटिरहित बनाना, नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना तथा मौजूदा प्रविष्टियों में संशोधन करना। एसडीएम ने कहा, “लोकतंत्र की पहली सीढ़ी मतदाता सूची है। बीएलओ की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस दौरान एईआरओ आकांक्षा पासवान, 322 विधानसभा के रजिस्ट्रार कानूनगो राजू सिंह तथा अधीनस्थ सुपरवाइजर व सभी बीएलओ उपस्थित रहे।
आकांक्षा पासवान ने जोर देकर कहा कि “बीएलओ हर घर जाकर सही अभिलेखों के आधार पर जानकारी जुटाएं। गलत या डुप्लीकेट प्रविष्टियों से बचें।
राजू सिंह ने कार्य की समय सीमा बताते हुए कहा कि “निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।
प्रत्येक बीएलओ से प्रशिक्षण के दौरान ही अपने मोबाइल पर लाइव फॉर्म भरवाया गया।
फॉर्म भरते समय किसी भी संभावित त्रुटि, जैसे गलत जन्म तिथि, फोटोग्राफ, पहचान प्रमाण, या पता संबंधी गड़बड़ी, को ठीक करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के अंत में खुला संवाद सत्र हुआ जिसमें बीएलओ ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।
जैसे कौन से फॉर्म कब और किस स्थिति में भरवाना है, जिनके आधार पर वोटर लिस्ट अपडेट की जाएगी।
बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित समयसीमा में घर-घर जाकर फॉर्म एकत्रित करें और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा अपलोड करें।
साथ ही, उन्हें अपने बूथ क्षेत्र में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।
कार्यक्रम का समापन करते हुए एसडीएम दीपक गुप्ता ने कहा कि “सभी बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची से कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और किसी अपात्र का नाम सूची में न रहे। तकनीकी समझ और जागरूकता से ही हम चुनाव प्रक्रिया को मजबूत और पारदर्शी बना सकते हैं।
इस प्रशिक्षण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि 322 शहर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची का संकलन अधिक सटीक, समयबद्ध और व्यवस्थित होगा।





