सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के आह्वान पर जनपद के विद्यालय प्रबंधकों ने जिलाधिकारी व बीएसए के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 11 बिंदुओं वाला मांगपत्र भेजकर निजी विद्यालयों के संचालन, प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की मांग की। जिलाध्यक्ष शैलेश पांडेय की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि तीन एवं पांच वर्ष से नियमित रूप से संचालित विद्यालयों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थायी मान्यता प्रदान की जाए। प्राथमिक मान्यता प्राप्त विद्यालयों की प्री-प्राइमरी कक्षाओं को यू-डायस से जोड़ते हुए प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने की अनुमति दी जाए। संघ ने निजी विद्यालयों के प्रबंधकों के लिए 10 लाख रुपये तथा कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है।
इसके अलावा 15 फीट से कम ऊंचाई वाले विद्यालय भवनों के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा अग्नि सुरक्षा प्रक्रिया को सरल बनाने का अनुरोध किया गया है। संचालित वाहनों पर परिवहन विभाग की ओर से लगाए जाने वाले शुल्क एवं नियमों में व्यावहारिक छूट देने, विद्यालय भवनों के मानकों में संशोधन कर 30 फीट चौड़ी सड़क की अनिवार्यता समाप्त करने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने की मांग की गई है। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र यू-डायस कोड आवंटित करने और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रबंधकों के हस्ताक्षर सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग की गई है। इस मौके पर प्रदेश मंत्री अमर नाथ दुबे समेत दीपेंद्र चौधरी, रामऔतार चौधरी, अनिल चौधरी, आशीष मिश्रा, राम बहादुर, हरीश पटेल, संजय मद्धेशिया, शोभनाथ, मनोज कसौधन आदि मौजूद रहे।





