विपक्ष ने संसद परिसर में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का स्वांग रचा, जिसमें पप्पू यादव पुजारी बने और राहुल गांधी सहित सांसदों ने दान दिया।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर सरकार को घेर रहे विपक्ष ने शुक्रवार को संसद भवन के बाहर स्वांग रचा। इसमें लोकसभा के निर्दलीय सदस्य पप्पू यादव भगवा कपड़ा पहनकर पुजारी बने थे, जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों के सांसदों ने उन्हें दान दिया। बाद में पप्पू यादव ने दानपेटी लेकर भागने का नाटक किया, जिन्हें विपक्षी सांसदों ने तुरंत पकड़ लिया।
इस स्वांग से सनातनियों में भारी आक्रोश है। साधु-संतों ने पप्पू यादव की लोकसभा सदस्यता रद करने की मांग की है, तो इंटरनेट मीडिया पर यूजर इसको लेकर नाराजगी जता रहे हैं। भाजपा ने इसे करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताया है। विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि वह कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
प्रेट्र के अनुसार, भाजपा आईटी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा-जूते पहनकर कौन भगवान श्रीराम को चढ़ावा चढ़ाता है? हिंदू तो अपने घर के मंदिर में भी जूते-चप्पल उतारकर ही भगवान के दर्शन करते हैं। लेकिन, एक ईसाई मां और पारसी पिता से जन्मे राहुल गांधी से हिंदू आस्थाओं के आदर की अपेक्षा भी कैसे की जा सकती है? और भगवा पहनकर बैठा यह व्यक्ति कांग्रेस का नेता और राहुल गांधी का स्वघोषित चमचा है।
एक ओर हाथों में प्रभु श्रीराम की तस्वीर थामकर आस्था का प्रदर्शन और दूसरी ओर उसी तस्वीर को जमीन से स्पर्श कराना, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि जिस तरह रावण ने साधु का वेश बनाकर सीता का अपहरण किया था, उसी तरह कांग्रेस और सपा समर्थित पप्पू यादव ने साधु का वेष धारणकर हिंदू आस्था का मजाक बनाया है।
जैन ने विपक्षी नेताओं को मौलवी या पादरी के कपड़े पहनकर उन धर्मों का मजाक उड़ाने की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि वे केवल हिंदू मान्यताओं को ही निशाना बना सकते हैं।
संतों ने कहा-सनातन को बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, अन्य कांग्रेस सांसदों और पप्पू यादव द्वारा सनातन धर्म का अपमान करने के लिए संसद परिसर का गलत इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। कथित चोरी के मामले को एसआईटी और सुप्रीम कोर्ट देखेगा। लेकिन, इसे बहाना बनाकर सनातन धर्म और संतों की तपस्या को बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए आचार्य विक्रमादित्य ने कहा कि विपक्ष ने संतों को चढ़ावा चोरी में शामिल दिखाने की कोशिश की, जबकि जांच में सिर्फ कुछ कर्मचारी ही शामिल पाए गए। यह पूरी तरह से मजाक है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सरयू आरती समिति के अध्यक्ष महामंडलेश्वर शशिकांत दास ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि लोकतंत्र के मंदिर में साधु के वेश में आए व्यक्ति के साथ बुरा बर्ताव किया गया। यह सनातन धर्म और हमारी संस्कृति का अपमान है।
महामंडलेश्वर नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि जो लोग देश में ऐसे मुद्दे उठाते हैं, उनका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास, रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम, आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर, महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज, संत सत्येंद्र दास वेदांती और चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने भी स्वांग की निंदा की है।
इंटरनेट मीडिया पर भी घटना का विरोध
घटना का विरोध इंटरनेट मीडिया पर भी देखा गया। बनवारी माहेश्वरी नामक एक यूजर ने एक्स पर लिखा-निमंत्रण मिलने के बाद भी राहुल गांधी राम मंदिर नहीं गए। मंदिर निर्माण के लिए कोई चंदा नहीं दिया। लेकिन, जैसे ही हिंदू आस्था का मजाक उड़ाने का मौका मिला, जेब से पैसे निकल गए। कोई भी हिंदू अपनी आस्था का यह अपमान नहीं भूलेगा।
अखिलेश शर्मा ने लिखा कि संसद परिसर में पप्पू यादव पुजारी के भेष में चोर का नाटक करते दिखे। चढ़ावा चोरी मामले में आज तक न तो कोई पुजारी आरोपित है और न ही गिरफ्तार हुआ है। फिर भी एक पुजारी को अपराधी के रूप में पेश कर दिया गया।
मकर द्वार के बाहर घंटे भर चला स्वांग
जागरण ब्यूरो के अनुसार, संसद भवन के मकर द्वार के बाहर हुआ यह स्वांग करीब घंटे भर चला। स्वांग के दौरान विपक्षी सांसदों ने यह जताने की कोशिश की कि श्रीराम मंदिर में कैसे चढ़ावा चोरी हुई थी।
पुजारी बने पप्पू यादव सांसदों से दानपेटी में पैसा डालने की जगह सीधे ले रहे थे। पुजारी की वेश-भूषा में ही पप्पू यादव सदन भी पहुंचे। इस स्वांग में मुरादाबाद से सपा की सांसद रुचि वीरा और फैजाबाद-अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद भी सक्रिय दिखे।





