Monday, June 1, 2026
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बाराबंकी में दम तोड़ने की कगार पर पहुंच गया जन सूचना का अधिकार अधिनियम

Right to Information Act reached the verge of dying in Barabanki

अवधनामा संवाददाता

अधिकारी कर्मचारी नहीं देते हैं सूचनाएं  मुख्य सूचना आयुक्त भी इन अधिकारियों के ऊपर नहीं करता है जुर्माना

 बाराबंकी। (Barabanki)  बाराबंकी जनपद में जन सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का मजाक बनाया जा रहा है देखने में आया है कि बाराबंकी जनपद में जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत हजारों आवेदन लोगों ने किया है लेकिन अधिकारी कर्मचारी उन आवेदनों को बिल्कुल भी जवाब नहीं दे रहे हैं जो बहुत ही निंदनीय है आपको बताते चलें कि पंचायती राज विभाग ,पीडब्ल्यूडी विभाग, राजस्व विभाग में अब तक कई दर्जन आवेदन किए गए हैं  लेकिन अधिकारी कर्मचारी इन आवेदनों पर  किसी भी प्रकार की कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसके अलावा अधिकारी कर्मचारी भ्रमक अधूरी सूचनाएं देने का काम करते हैं।  जिससे आम  आदमी के अधिकार का हनन हो रहा है इसमें सूचना आयुक्त भी कुछ नहीं कर रहे हैं और यही वजह है कि  अधिकारी कर्मचारी पूरी तरीके से बेलगाम हो चुके हैं यहां तक की  जानकारी में आया है कि सूचना आयुक्त भी  अधिकारी कर्मचारियों का पक्ष लेते हुए सूचना आयोग में नजर आते हैं जिससे अधिकारी कर्मचारियों के हौसले बुलंद है । सूचना आयुक्त के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई जुर्माना  अधिकारी कर्मचारियों के ऊपर नहीं लगाया जा रहा है । गौरतलब है कि अगर इसी तरीके से जन सूचना अधिकार अधिनियम का मजाक बाराबंकी के अधिकारी कर्मचारी और सूचना आयोग उड़ाता रहेगा तो जल्द ही यह अधिनियम दम तोड़ देगा।
क्या बोले सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन पंजीकृत के  जिला अध्यक्ष:- 
इस संबंध में जब सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन पंजीकृत के बाराबंकी  जिला अध्यक्ष श्रवण चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बाराबंकी जनपद में सूचना का अधिकार अधिनियम का मजाक उड़ाने का काम अधिकारी कर्मचारी कर लगातार कर  रहे हैं यहां तक की मजाक उड़ाने वाले अधिकारी कर्मचारियों के ऊपर मुख्य सूचना आयुक्त जुर्माना तक नहीं लगाते हैं जिससे उनके हौसले बुलंद हैं उन्होंने बताया कि सूचना आयोग में भी  द्वितीय अपील के अंतर्गत अब तक कई आवेदन पहुंच चुके हैं लेकिन अभी तक डेट तक नहीं लगी है। इस पर मुख्य सूचना आयुक्त को सुधार करने की आवश्यकता है अन्यथा यह अधिनियम दम तोड़ देगा। उन्होंने बताया कि जनपद बाराबंकी में बहुत से भ्रष्टाचार हैं जिसको आरटीआई के तहत खुला जाने का काम मेरे द्वारा किया जाता है यही डर है कि अधिकारी कर्मचारी जवाब नहीं दे रहे हैं।
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