अमेठी जिले में निरस्त हुए 13928 राशन कार्ड
जिले में 13,928 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। ये कार्ड उन अपात्र लाभार्थियों के थे ।जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक थी या जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि थी, फिर भी वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे थे।
केंद्र सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू किया है। हालांकि, यह पाया गया कि बड़ी संख्या में अपात्र लोग भी इस योजना का लाभ उठा रहे थे। ऐसे कार्डधारकों की पहचान के लिए केंद्र सरकार ने ब्लॉकवार सूची जिला पूर्ति विभाग को भेजी थी। विभाग ने घर-घर जाकर इन कार्डों का सत्यापन कराया, जिसमें 13,928 कार्डधारक अपात्र पाए गए।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत, सरकार हर महीने कोटे की दुकानों के माध्यम से गरीब परिवारों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराती है। जिले में वर्तमान में 70 हजार अंत्योदय और 2 लाख 71 हजार पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं, जिनमें कुल 13 लाख 95 हजार यूनिट शामिल हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रतिमाह 35 किलो और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन निशुल्क दिया जाता है।
खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 27,831 राशनकार्ड धारकों की एक सूची जिला पूर्ति विभाग को भेजी गई थी। इस सूची में वे लोग भी शामिल थे जिनकी ग्रामीण आय दो लाख रुपये से अधिक और शहरी आय तीन लाख रुपये से अधिक थी, या जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि थी। जांच के बाद यह पूरा मामला सामने आया।
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि शासन से प्राप्त सूची का सत्यापन कराया गया, जिसमें अब तक 13,928 अपात्र पाए गए हैं। इन सभी के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सत्यापन का कार्य अभी जारी है और जो भी अपात्र पाए जाएंगे, उनके राशन कार्ड भी निरस्त कर दिए जाएंगे।





