बाल श्रम कराने वाले तीन सेवायोजकों को चेतावनी, विशेष अभियान जारी
हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर जनपद में चल रहे विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत शुक्रवार को कस्बा कुरारा में संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण और छापेमारी की। अभियान के दौरान तीन बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया। वहीं बाल श्रम कराते पाए गए तीन सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणियां जारी करते हुए भविष्य में ऐसा न करने की कड़ी चेतावनी दी गई।
यह कार्रवाई बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत की गई। शासन के निर्देशानुसार जनपद में 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाकर बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान, उन्हें श्रम से मुक्त कराने तथा उनके पुनर्वास की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सड़कों पर रहने वाले और असुरक्षित बच्चों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने ढाबों, रेस्टोरेंट, कैटरिंग प्रतिष्ठानों, हलवाई की दुकानों, शादी घरों, डीजे एवं गमला लाइट प्रतिष्ठानों सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों में नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने व्यापारिक संगठनों के सहयोग से जनजागरूकता बढ़ाने और बाल श्रम कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी नाबालिग बालक या किशोर से कार्य कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर ₹20 हजार से ₹70 हजार तक जुर्माना तथा 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। अभियान के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का पालन करने के भी निर्देश दिए गए। संयुक्त अभियान में सीडब्ल्यूसी, श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तथा पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।





