HomeNationalसिर्फ UPI ही नहीं, भारत के डिजिटल ब्लूप्रिंट पर इंडोनेशिया की नजर......

सिर्फ UPI ही नहीं, भारत के डिजिटल ब्लूप्रिंट पर इंडोनेशिया की नजर… क्या है प्लानिंग?

इंडोनेशिया भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और UPI को अपनाने जा रहा है, जिसका उपयोग वह अपने स्वयं के डिजिटल इकोसिस्टम के ब्लूप्रिंट के रूप में करेगा।

इंडोनेशिया यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अपनाने और भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का और ज्यादा इस्तेमाल करने वाला नया देश बनने जा रहा है।

फ्रांस, सिंगापुर और यूएई जैसे कई देशों ने मुख्य रूप से भारतीय यात्रियों और व्यवसायों के लिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट आसान बनाने के लिए यूपीआई को अपनाया है लेकिन इंडोनेशिया के इरादे इससे कहीं ज्यादा बड़े हैं।

क्या है इंडोनेशिया का इरादा?

वह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल अपने खुद के सॉवरेन डिजिटल इकोसिस्टम को बनाने के लिए एक ब्लूप्रिंट के तौर पर करना चाहता है। यूपीआई को जोड़ने के अलावा उसका मकसद कॉमर्स, डिजिटल पहचान और पब्लिक सर्विस के लिए ऐसे इंटरऑपरेबल प्लेटफॉर्म बनाना है जिन्हें बाद में आसियान क्षेत्र में एक्सपोर्ट किया जा सके।

सोमवार से शुरू हो रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इस बढ़ते सहयोग पर खास तौर पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें डिजिटल सहयोग दोनों देशों की साझेदारी के मुख्य स्तंभों में से एक होगा।

एक अधिकारी ने कहा, “फूड सिक्योरिटी और डिजिटल गवर्नेंस से लेकर हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और डिफेंस तक भारत के सफल पब्लिक पॉलिसी मॉडल इंडोनेशिया की अपनी विकास यात्रा के लिए अहम संदर्भ बन रहे हैं।”

बेहतरी की ओर कदम बढ़ाना चाहता है इंडोनेशिया

इंडोनेशिया खाद्य सुरक्षा, कृषि और स्वास्थ्य सेवा वितरण को बेहतर बनाना चाहता है इसलिए वहां के कई प्रतिनिधिमंडलों ने भारत का दौरा किया है। उन्होंने भारत की प्रमुख सार्वजनिक नीति पहलों का अध्ययन किया है, जिनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, एग्रीस्टैक, चावल का फोर्टिफिकेशन, उर्वरक सब्सिडी में सुधार, पीएम पोषण और जन औषधि कार्यक्रम शामिल हैं।

इंडोनेशिया के महत्वाकांक्षी मुफ्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम को भारत की मिड-डे मील योजना से प्रेरणा मिली है। एक अधिकारी ने बताया कि इसी तरह इसकी रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स पहल जन औषधि मॉडल के जरिए सस्ती दवाइयों के लिए भारत के साथ सहयोग की संभावना तलाश रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में हेल्थकेयर तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।

भारत के साथ किन-किन चीजों पर काम कर रहा इंडोनेशिया

इंडोनेशिया भारत के साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, मिलिट्री ट्रेनिंग और समुद्री सहयोग पर भी काम कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत के स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्शन के अनुभव से लंबे समय के सहयोग के नए मौके बन रहे हैं।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनरशिप के केंद्र में प्रस्तावित UPI-QRIS लिंकेज है, जिससे दोनों देशों के बीच आसानी से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट हो सकेगा और इससे बिजनेस, टूरिस्ट और व्यापारियों को फायदा होगा।

हर साल इंडोनेशिया (खासकर बाली) आने वाले लगभग 17 लाख भारतीय टूरिस्ट के लिए इस पेमेंट कॉरिडोर से ट्रांजैक्शन आसान होने और टूरिज्म व व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह देश इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) भी बना रहा है, जो भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से प्रेरित एक ओपन डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular