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‘कभी छुट्टी देने से मना नहीं किया’, आशा भोसले के स्टाफ ने बताई, कैसी थीं ताई

मशहूर गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से फिल्मी दुनिया के साथ-साथ उनके निजी जीवन से जुड़े लोग भी गम में डूब गए हैं।

मशहूर गायिका आशा भोसले का आज रविवार, 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। आशा भोसले के निधन के बाद फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों के साथ ही उनके निजी जीवन से जुड़े लोग भी गम में डूबे हैं।

आशा भोसले के साथ लंबे समय से उनके घरेलू काम में मदद करने वाले और सहयोगियों ने गायिका से जुड़ी अपनी निजी यादें साझा की हैं।

महान गायिका आशा भोसले के निधन पर आज हर कोई शोक में डूबा है और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। इस बीच दिल को छू लेने वाली श्रद्धांजलि उन लोगों की ओर से आ रही हैं जो उन्हें लाइमलाइट से दूर, निजी जीवन में जानते थे यानी उनके घरेलू स्टाफ और करीबी सहयोगी।

आशा भोसले अपने पीछे न केवल एक समृद्ध संगीत विरासत छोड़ गई हैं, बल्कि दयालुता और विनम्रता की यादें भी।

आशा भोसले ने हर किसी को दिया सम्मान

सुनाम साल्वे, जिन्होंने भोसले के घर पर चार दशकों से भी ज्यादा समय तक काम किया, वो उन्हें एक दयालु मालकिन के रूप में याद करती हैं।

साल्वे ने कहा, ‘मैंने उनके घर पर लगभग 40 साल तक काम किया। वो हमेशा मेरे साथ सम्मान से पेश आईं। मेरे जैसे व्यक्ति के लिए, जो एक गरीब पृष्ठभूमि से आता है, इसका मतलब सब कुछ था।’

साल्वे ने आगे कहा, ‘जब मुझे पता चला कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो मैं बहुत चिंतित हो गई थी। आज सुबह मुझे उनके निधन के बारे में पता चला, यह बेहद दुखद है। वह एक बार मेरे गांव भी आई थीं और उन्होंने कभी भी मुझे छुट्टी देने से मना नहीं किया।’

लता मंगेशकर की करीबी ने आशा दीदी को बताया दयालु

पुष्पा नवार, जिन्होंने लता मंगेशकर के साथ काम किया था और उसी परिवार के साथ रहती थीं, उन्होंने कहा कि यह क्षति शब्दों से परे है।

पुष्पा नवार ने कहा, ‘लता दीदी के साथ काम करते समय मैं उसी घर में रहती थी। आशा दीदी बहुत दयालु थीं। इस क्षति को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने हमेशा उनके साथ अपने परिवार के सदस्य जैसा ही व्यवहार किया।

आशा भोसले के परिवार पर गर्व

परिवार से जुड़ी एक योग शिक्षिका ने कहा कि इस खबर को सुनकर वह निःशब्द रह गईं। उन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कहा, ‘मंगेशकर परिवार देश का गौरव है। मैं अक्सर उनके घर जाती थी, हम परिवार की तरह ही आपस में बातचीत करते थे। उनका स्वभाव बेहद आत्मीय था।’

आशा भोसले के निधन पर पूरी दुनिया उनकी असाधारण संगीत यात्रा को याद कर रही है, वहीं उनके सबसे करीबी लोग उनकी सहानुभूति, उदारता और गरिमा की एक शांत विरासत को याद कर रहे हैं।

कई लोगों के लिए, उनका निधन न केवल एक महान हस्ती की क्षति है, बल्कि उस इंसान को खोने का दुख है जिसने उन्हें हर दिन यह महसूस कराया कि वे कितने महत्वपूर्ण हैं।

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