लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देश में चल रहे छात्र और युवा आंदोलनों को लेकर राजनीतिक दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठाएं, लेकिन उनके आंदोलनों को सत्ता पक्ष और विपक्ष की राजनीति का हिस्सा नहीं बनने दें।
मायावती ने युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार और भविष्य की सुरक्षा को बताया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज करने की मांग की।
छात्र आंदोलनों को हाईजैक करने का लगाया आरोप
बसपा प्रमुख का कहना है कि छात्र और युवा अपने वास्तविक मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दल इन आंदोलनों को अपने हित में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने युवाओं को ऐसे राजनीतिक प्रभाव से सतर्क रहने की सलाह दी।
रोजगार को लेकर सरकारों पर सवाल
मायावती ने बेरोजगारी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि सरकारों को युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता से काम करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचने के बजाय खाली पड़े पदों पर भर्ती करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।
मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब युवाओं और छात्रों से जुड़े रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में हैं।





