HomeUttar PradeshLalitpurसरस्वती पूजन के बीच स्कूलों में धूमधाम से मनी बसंत पंचमी

सरस्वती पूजन के बीच स्कूलों में धूमधाम से मनी बसंत पंचमी

शिक्षण संस्थाओं में हुआ रंगारंग कार्यक्रमों आयोजन

ललितपुर। शहर के विभिन्न विद्यालयों व शिक्षण संस्थाओं में विद्या की देवी मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ बसंत पंचमी धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने शुभ मुर्हूत में कलम और पुस्तकों के साथ विद्यादायिनी की अराधना की। इस दौरान छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। नगर के आजादपुरा में संचालित माई छोटा स्कूल एसबीएन कान्वेंट जूनियर हाईस्कूल में बसंत पंचमी का त्योहार मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना करते हुए ज्ञान और शिक्षा का वर भी मांगा। बच्चों द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ गाए गए मां सरस्वती के भजनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी बच्चों ने पीले रंग की पोशाकें पहनी हुई थी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पीले रंग के पकवानों का खूब आनंद उठाया। बच्चों द्वारा कलात्मक गतिविधियों में सूरजमुखी के सुंदर फूल बनाए गए जो कि बहुत मनमोहक लग रहे थे। साथ ही माँ सरस्वती बंदना की गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या आराधना शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी, जिसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन जब स्कूल के हर कोने में जीवंत पीला रंग सजता है, छात्रों और शिक्षकों के दिलों में एक खास जगह होती है। यह एक ऐसा दिन है जब हवा ताजे फूलों की खुशबू से भर जाती है, और सरस्वती वंदना की मधुर धुन चारों ओर गूंजती है। यह शुभ दिन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक विसर्जन है, जो हमारी जड़ों के साथ एक गहरा संबंध बनाता है। वसंत पंचमी का महत्व न केवल इसके धार्मिक अर्थों में निहित है, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और कला के उत्सव में भी निहित है। रानी कुशवाहा शिक्षिका ने कहा कि बसंत पंचमी छात्रों के लिए न केवल त्योहार के बारे में जानने का अवसर बन जाती है, बल्कि इसके अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेने का भी अवसर बन जाती है। स्कूल यह सुनिश्चित करता है कि उत्सव केवल एक नियमित कार्यक्रम न हो, बल्कि प्रत्येक छात्र के लिए एक सार्थक और आकर्षक अनुभव हो और यही बात माई छोटा स्कूल व एसबीएन कान्वेंट जूनियर हाई स्कूल को सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने और बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता से अलग बनाती है। शिक्षक विभांशु तिवारी ने कहा कि बसंत पंचमी सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, यह समग्र शिक्षा के प्रति स्कूल की प्रतिबद्धता का प्रकटीकरण है। स्कूल न केवल सांस्कृतिक ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि सरस्वती पूजा जैसी परंपराओं का जश्न मनाकर अपने छात्रों में सम्मान, एकता और कृतज्ञता के मूल्यों को भी स्थापित करता है। पूजा से लेकर प्रसाद वितरण और पीले रंग के समुद्र तक का जीवंत उत्सव वसंत पंचमी के सार को समेटे हुए है, जो इसे सेज इंटरनेशनल स्कूल में सभी के लिए एक यादगार और प्रिय कार्यक्रम बनाता है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पत्रकार देवेंद्र साहू ने कहा कि पीला रंग बहुत महत्व रखता है क्योंकि यह सरसों के फूलों के खिलने का प्रतीक है, जो आमतौर पर इस मौसम में खिलते हैं। पीला रंग शुभ माना जाता है, यह सूर्य की गर्मी और जीवन की जीवंतता का प्रतिनिधित्व करता है। पूरा स्कूल, गलियारों से लेकर कक्षाओं तक, पीले रंग की सजावट से सजा हुआ है, जो एक ऐसा माहौल बनाता है जो त्योहार की भावना से मेल खाता है। पीले रंग के परिधानों का जीवंत प्रदर्शन केवल रंग का उत्सव नहीं है, बल्कि ज्ञान हमारे जीवन में जो चमक लाता है उसका प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व है। यह एकता और अपनेपन की भावना को बढ़ावा देता है, क्योंकि हर कोई उत्साह और खुशी के साथ उत्सव में शामिल होता है। विद्यालय के डायरेक्टर अशोक सेन ने कहा कि भारतीय कैलेंडर में सबसे प्रिय त्योहारों में से एक- बसंत पंचमी भी होता है। जैसे-जैसे सर्दी कम होने लगती है और प्रकृति वसंत के जीवंत विस्फोट के लिए तैयार होती है, इस त्योहार का उत्सव वसंत की शुरुआत का प्रतीक है और यह ज्ञान, संगीत और कला की अवतार देवी सरस्वती को समर्पित है। इस दौरान अशोक कुमार सेन, आराधना शर्मा, रानी कुशवाहा, ज्योति कुशवाहा, रोशनी कुशवाहा, आरती जैन, मनोरमा, भावना, अनन्या, स्नेहा शर्मा, रिया शर्मा, स्नेहा झा, पलक सेन, विभांशु तिवारी, पत्रकार देवेंद्र साहू सहित समस्त छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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