लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को नागपुर से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस लखनऊ लेकर पहुंच गई है। तीनों को हजरतगंज कोतवाली लाया गया है, जहां पुलिस मामले से जुड़े अहम सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।
9 अक्टूबर को हुई थी शिवा शर्मा की मौत
यह मामला लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित बालू अड्डा के पास अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। 9 अक्टूबर 2026 को कारोबारी शिवा शर्मा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआत में घटना की जांच दुर्घटना के रूप में की गई, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा की शिकायत और परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
तीनों पर घोषित था 50-50 हजार रुपये का इनाम
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश घटना के बाद से फरार थे। उनकी तलाश में लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की मदद से कार्रवाई की। तीनों की गिरफ्तारी 20 अक्टूबर को नागपुर में की गई। प्रत्येक आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस किन सवालों के तलाशेगी जवाब?
लखनऊ पहुंचने के बाद जांचकर्ताओं के सामने कई अहम सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना वाले दिन फ्लैट में क्या हुआ था, शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के बाद आरोपी कहां-कहां गए। फरारी के दौरान उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिली या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
पुलिस वायरल ऑडियो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भी ले जाया जाना है।
आरोपों पर अंतिम फैसला जांच के बाद
इस मामले में श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है और शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताया है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। ऐसे में पुलिस की जांच और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य मामले की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल पुलिस की पूछताछ पर सभी की नजरें टिकी हैं। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद है कि शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम, फरारी और कथित साजिश के पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।





