लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला शहर घोषित किया गया है।
नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन स्थित गंगा ऑडिटोरियम में सोमवार को आयोजित समारोह में लखनऊ को नेशनल क्लीन एयर सिटी रैंक-1 का सम्मान दिया गया। लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत अधिकारियों की मौजूदगी में पुरस्कार ग्रहण किया। इस उपलब्धि के साथ लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली।
15वीं रैंक से सीधे नंबर-1 पर पहुंचा लखनऊ
खास बात यह है कि पिछले वर्ष के सर्वेक्षण में लखनऊ 15वें स्थान पर था। इस बार शहर ने लंबी छलांग लगाते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश का इंदौर और तीसरे स्थान पर जबलपुर रहा।
पेपर मिल कॉलोनी वार्ड भी नंबर-1
लखनऊ के साथ नगर निगम के जोन-4 स्थित वार्ड संख्या-70 पेपर मिल कॉलोनी ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में इसे देश का सर्वश्रेष्ठ वार्ड चुना गया। वार्ड को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
इन प्रयासों से सुधरी हवा
वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों से कूड़ा संग्रहण, सड़क की धूल कम करने के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग, सड़कों का पक्कीकरण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन जैसे कदम उठाए गए हैं। नगर निगम करीब 1,100 इलेक्ट्रिक वाहनों से घर-घर कूड़ा संग्रह कर रहा है और 97 इलेक्ट्रिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल सड़क सफाई के लिए किया जा रहा है।
लखनऊ के लिए बड़ी उपलब्धि
महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस सम्मान को लखनऊ के नागरिकों और नगर निगम की टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि शहर में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।





