Monday, April 6, 2026
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LPG shortage: 400 रुपये किलो बिक रही गैस, फर्जी बुकिंग और ब्लैक से हाहाकार; छात्र-मजदूर दो वक्त की रोटी को मोहताज

LPG Crisis: Fake Bookings, Black Market, High Prices देश में गैस संकट गहरा गया है, जिससे आम लोगों की रसोई से लेकर रोजगार तक प्रभावित हो रहा है। गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें हैं, ऑनलाइन बुकिंग ठप है और फर्जी बुकिंग के मामले सामने आ रहे हैं। ₹400 प्रति किलो तक गैस बिक रही है, जिससे छात्रों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है। पैनिक बुकिंग, वैश्विक तनाव और बढ़ती मांग को इस संकट का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

गैस संकट की आहट अब आम आदमी की रसोई से लेकर रोजगार तक साफ सुनाई देने लगी है। दिल्ली-एनसीआर में एलपीजी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगने लगी हैं, जबकि ऑनलाइन बुकिंग साइट्स ठप पड़ी हैं। कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर तो फर्जी बुकिंग दर्ज हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि न कस्टमर केयर के नंबर लग रहे हैं और न ही सिलिंडर पहुंचाने वाले कर्मचारियों से संपर्क हो पा रहा है। नतीजा यह कि जरूरतमंदों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं।

गांवों में महिलाएं मजबूरी में लकड़ी और उपलों (कंडा) पर खाना बनाने को विवश हैं, जबकि शहरों में पढ़ाई और रोजगार की तलाश में आए छात्रों और मजदूरों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कैफे और होटलों पर लटके ताले और लगातार महंगी होती थाली ने उन्हें असमंजस में डाल दिया है कि घर लौट जाएं या हालात सुधरने का इंतजार करें।

उधर, कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से होटल-रेस्तरां और छोटे कारोबारियों की परेशानी भी बढ़ गई है। कई जगह स्टॉक महज दो-तीन दिन का बचा है। इसके चलते डीजल भट्टी और इंडक्शन जैसे विकल्पों की मांग अचानक बढ़ गई है। फाइव स्टार होटलों से लेकर अटल कैंटीन तक की व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। कुछ कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम दे दिए हैं तो संस्‍थानों की कैंटीन के मेन्‍यू बदल गए है।

गैस संकट ने पूरे इलाके में अनिश्चितता और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में गैस आपूर्ति और प्रभावित हो सकती है।

फर्जी बुकिंग और बिना ओटीपी डिलीवरी

नोएडा सेक्‍टर 11 निवासी नूतन गुप्‍ता बताते हैं कि उनके कनेक्‍शन पर फर्जी बुकिंग हो गई है। कस्‍टमर केयर नंबर बंद जा रहा है तो ऐसे में शिकायत कहां की जाए। वह इस संबंध में जानकारी लेने सेक्‍टर-22 स्थिति भारत गैस एजेंसी पहुंचे , जहां पहले से ही 100 से ज्‍यादा लोग पासबुक हाथ में लिए लाइन में लगे थे।

नूतन ने एक्‍स पर स्‍क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा- सरकार कह रही है कि देश में OTP आधारित व्यवस्था के आधार पर सुचारु रूप से सिलिंडर डिलीवरी हो रही है, लेकिन मैंने तो किसी को ओटोपी दी ही नहीं तो फिर भी मेरा सिलिंडर किसी को दे दिया गया है। अब मेरी बुकिंग 25 दिन बाद होगी।

ब्‍लैक में लेना पड़ा सिलिंडर

नोएडा सेक्‍टर- 10 में रहने वाली सुनीता घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती हैं। सुनीता बताती हैं कि

“उनके नाम कनेक्‍शन नहीं है। हर बार 1000 रुपये देकर सिलिंडर मिल जाता था। अभी दो दिन पहले गैस खत्‍म हो गई तो जुगाड़ लगाकर आज 2000 रुपये में सिलिंडर खरीदना पड़ा है। छोटे-छोटे दो बच्‍चे हैं, गैसे के बिना काम नहीं चलता है और जहां झुग्‍गी में रहती हूं, वहां चूल्‍हा जलाने का विकल्‍प नहीं है तो क्‍या ही करती, 2000 रुपये देने पड़े।

400 रुपये किलो भरी जा रही गैस

अभी कुछ ही दिनों पहले बंगाल के पुरुलिया से आकर अपराजिता की पड़ोसी बनी निशा बताती हैं,

“उनके पास छोटा सिलिंडर है। पहले 300 रुपये में भरवाती थी और अब 400 रुपये किलो गैस भरी जा रही है। ऐसे में एक समय खाना घर पर बनाती हूं और एक टाइम का खाना बाहर ढेले से से मंगाती हूं, क्‍योंकि गैसे भराने से सस्‍ता तो बाहर का खाना ही पड़ रहा है। अभी जो हालत है, अगर वही बनी रही तो ढेले पर या तो खाना मिलेगा नहीं या फिर वहां भी महंगा ही मिलेगा। गहरी सांस लेते हुए कहती हैं- पता नहीं क्‍या होगा। अभी तो इतने पैसे भी नहीं है कि वापस लौट जाएं।

दुकानदारों ने बदले खाने के मेन्‍यू

कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी गई है। ऐसी स्थिति में कई दुकानदारों ने खाने के मेन्यू में बदलाव किया है। मूलरूप से बस्‍ती के रहने वाले चंदू पिछले 1 साल से राजनगर में ठेले पर छोले भटूरे बेचते हैं। उनकी दुकान पर शुक्रवार को रोजाना की तरह ग्राहक छोले-भटूरे खाने पहुंचे तो पता चला कि मेन्यू में बदल गया है। छोले-भटूरे की जगह अब प्‍लेट में दाल-चावल और नान है।

पूछने पर चंदू ने बताया कि कमर्शियल सिलिंडर नही मिल रहा है। भटूरे बनाने के लिए गैस जरूरी है। इसलिए वह अपने घर से दाल, चावल, सब्जी बनाकर लाए है और दुकान पर तंदूर लगा लिया है। जिस पर तंदूरी रोटी और नान बना सकते हैं। दाल और सब्जी को गर्म भी कर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो इस संकट में काम ठप हो जाएगा और सालों से रोजना खाना खाने आ रहे ग्राहक भूखे लौट जाएंगे।

गैसे एजेंसी वालों का क्‍या कहना है?

दिल्‍ली के मंडावली में इंडेन गैस एजेंसी पर कार्यरत प्रमोद मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन दिन से यहां अचानक भीड़ जुटने लगी है। लोग छीना-झपटी मचा रहे हैं। चीख-चिल्‍ला रहे हैं। किसी की बुकिंग नहीं हो पा रही है तो कुछ लोग बिना बुकिंग ही लाइन में लगे हुए हैं।

हंगामा करने वालों में उन लोगों की संख्‍या ज्‍यादा है, जिनको केवाईसी कराने के लिए बार-‍बार रिमांडर दिया गया है, लेकिन उन्‍होंने केवाईसी नहीं कराई और अब वो गैस सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। हालत ऐसे हो गए हैं कि हम लोगों को सिलिंडर की सप्‍लाई करना मुश्किल हो गया है।

दिल्‍ली हाई कोर्ट की कैंटीन ने मेन कोर्स बंद किया

गैस की किल्‍लत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि दिल्‍ली हाई कोर्ट की कैंटीन में अ कुछ समय के लिए मेन कोर्स नहीं मिलेगा। कैंटीन प्रबंधन ने एक नोटिस चस्‍पा किया है, जिसमें लिखा है- एलपीजी की कमी की वजह से खाना बनाना नामुमकिन हो गया है।

इसलिए कुछ समय तक मेने कोर्स नहीं बनेगा। कैंटीन प्रबंधन ने यह भी कहा कि गैस आपूर्ति दोबारा कब शुरू होगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। जैसे ही गैस आपूर्ति शुरू हो जाएगी, खाना बनना फिर से शुरू कर देंगे।

महंगी हुई चाय और रोटियां

कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से नॉलेज पार्क में कैफे, होटल और हॉस्‍टलों का कामकाज ठप हो गया है। 50 में से 45 कैफे और छोटे होटल बंद हो गए हैं। फास्‍ट फूड और थाली की रोटी महंगी हो गई है।

ग्रेटर नोएडा में 100 से अधिक कॉलेज में ढाई लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। इनमें 70 हजार से अधिक छात्र प्राइवेट हॉस्‍टल और पीजी में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश खाने के लिए आसपास के कैफे और छोटे होटलों पर निर्भर हैं।

ऐसे में इन छात्रों को खाने-पीने की दिक्‍कत हो रही है। नोएडा में फिल्‍म सिटी के आसपास खाने के ठेलों की संख्‍या कम नजर आ रही है तो वहीं 10 रुपये में मिलने वाली चाय का दाम बढ़कर 20 रुपये हो गया है।

गैस एजेंसियों पर क्‍यों दिख रहीं लंबी कतारें?

1- पैनिक बुकिंग और अफवाह
युद्ध की खबरों के बीच लोगों को स्‍टॉक खत्‍म होने का डर सता रहा है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर अफवाहों का बाजार गरम है। इससे जिनको जरूरत नहीं है, वो भी पैनिक होकर बुकिंग कर रहे हैं और सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पर पहुंच रहे हैं, जिससे सुबह से शाम तक गैसे एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं।

2- छह दिन में तीन बार नियम बदले
पैनिक बुकिंग, जमाखोरी और सप्‍लाई पर दबाव बढ़ गया था। सरकार ने इसको नियंत्रित करने के लिए छह दिन में तीन बार बुकिंग के बीच का अंतर बढ़ाया गया।

  • 6 मार्च को एलपीजी गैस सिलिंडर बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन कर दिया।
  • 9 मार्च को शहरी क्षेत्र में सिलिंडर बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड को 25 दिन कर दिया।
  • 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप बढ़ाकर 45 दिन कर दिया।

3- होम डिलीवरी ठप और कालाबाजारी बढ़ी
दिल्‍ली-एनसीआर के कई इलाकों में होम डिलीवरी बंद करने की शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि सिलिंडर को 2000 से लेकर 4500 रुपये की अवैध कीमतों पर बेचा जा रहा है।

4- वैश्विक तनाव का असर
मिडिल ईस्‍ट में जारी जंग के कारण होमुर्ज जलडमरूमध्‍य से होने वाला एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है। भारत अपनी जरूरत का का 60 प्रतिशत ईंधन यहीं से मंगाता है, जिससे सप्‍लाई चैन प्रभावित हुई है।

5- रमजान – शादियों की वजह से बढ़ी खपत
रमजान का महीना और शादियों का सीजन चल रहा है। इसकी वजह से गैस की मांग आम दिनों की अपेक्षा 20 फीसदी बढ़ी हुई है।

हालांकि, 13 मार्च को इस माह में शादी का अंतिम शुभ मुहूर्त है। इसके बाद करीब एक महीने के लिए सहालग बंद हो जाएंगे। वहीं, 21 मार्च को ईद उल फितर का पर्व हो जाएगा। एलपीजी डीलर्स का कहना है कि इसके बाद गैस की मांग में कमी आने की उम्मीद है।

अभी क्‍या समाधान है?

शिकायत और सहायता के लिए संपर्क करें

  • किसी भी प्रकार की अवैध वसूली होने पर तुरंत नजदीकी क्षेत्रीय राशन कार्यालय या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचित करें।
  • दिल्ली सरकार (खाद्य एवं आपूर्ति विभाग) के टोल-फ्री नंबर 1967 या उपभोक्ता हेल्पलाइन 1800-11-4000 पर भी शिकायत कर सकते हैं।

कंपनियों के हेल्पलाइन पर कॉल करें

  • इंडेन : 1800-233-3555
  • भारत गैस : 1800-22-4344
  • एचपी गैस: 1800-233-3555

आधिकारिक पोर्टल mylpg.in पर Feedback सेक्शन में अपनी शिकायत दर्ज करें।

स्‍कैम और फ्रॉड से बचें
उपभोक्ता अपना बुकिंग स्टेटस केवल आधिकारिक एप या वेबसाइट पर ही चेक करें। किसी भी अज्ञात लिंक पर अपनी जानकारी साझा न करें।

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