इटावा। विकास आयुक्त कार्यालय, एमएसएमई(सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय,भारत सरकार),निर्माण भवन नई दिल्ली द्वारा संचालित उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम(ESDP)के अंतर्गत सोमवार को छःसप्ताह के कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।इस प्रशिक्षण के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU),क्षेत्रीय केन्द्र अलीगढ़ (शिक्षा मंत्रालय,भारत सरकार)द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अजय वर्धन आचार्य(क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू अलीगढ़)तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ.अकीलुर्रहमान(सहायक प्रोफेसर,एएमयू अलीगढ़)उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन एम. एम.तारिक शम्सी (निदेशक, शम्सी इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग)द्वारा किया गया।कौशल विकास से उद्यमिता की ओर विषय पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ.अजय वर्धन आचार्य ने कहा कि देश में आत्मनिर्भरता का मार्ग कौशल विकास और उद्यमिता से होकर जाता है।
कंप्यूटर आधारित कौशल,डिजिटल कंटेंट निर्माण, अकाउंटिंग,डिजिटल मीडिया तथा ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्र स्वरोजगार के लिए नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। IGNOU का यह प्रयास MSME मंत्रालय के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने में सार्थक भूमिका निभाएगा।डॉ.आचार्य ने MSME मंत्रालय की इस पहल को सराहते हुए कहा कि ESDP जैसे कार्यक्रम भारत को स्किल-संपन्न और उद्यमी-संपन्न बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं डॉ.अकीलुर्रहमान ने अपने वक्तव्य में कहा कि उद्यमिता अब केवल व्यापार या दुकान खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि IT आधारित सेवाएँ जैसे कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल मार्केटिंग,अकाउंटिंग सॉल्यूशंस, ई-लर्निंग और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन आधुनिक अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं।ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है।प्रशिक्षण में कई आधुनिक कोर्स शामिल हैं।प्रशिक्षु पूरे मनोयोग से इसका लाभ प्राप्त करें।
कार्यक्रम समन्वयक तथा संस्थान के निदेशक एम.एम.तारिक शम्सी ने कहा कि इस 6-सप्ताह के इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को कंप्यूटर फंडामेंटल्स के साथ-साथ ई-कंटेंट राइटिंग,डिजिटल मीडिया, डीपी अकाउंटिंग,डेटा मैनेजमेंट एवं स्वरोजगार आधारित डिजिटल टूल्स की जानकारी भी दी जाएगी।उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण का नाम नहीं,बल्कि युवाओं को रोजगार-योग्य तथा आत्मनिर्भर बनाने का साधन है।आज का युवा नौकरी देने वाला बन सकता है,बशर्ते वह सही प्रशिक्षण व मार्गदर्शन प्राप्त करे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि MSME सेक्टर में उद्यमिता भविष्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य इंजन बनने जा रही है।डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।ऑनलाइन बिज़नेस मॉड्यूल विकसित हो रहे हैं।महिलाओं व ग्रामीण युवाओं के लिए नए क्षेत्र खुल रहे हैं।सीखने व कमाने के विकल्प एक साथ उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षुओं ने भी उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया।कार्यक्रम के अंत में सीनियर फैकल्टी शिवा गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।





